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घोषणा पत्र पर लोगों की राय पूछने पर भाजपा को मिला जवाब, ‘पाकिस्तान पर कब हमला करेंगे मोदी?’

Tue, 19 Feb 2019 05:51 PM IST
Gaurav Pandey अमित शर्मा, नई दिल्ली
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भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र को अंतिम रूप देने से पहले जनता की राय जानने के लिए एक अभियान की शुरुआत तीन फरवरी को की थी। इसमें सुरक्षा एक प्रमुख मुद्दा था जिस पर लोगों को अपनी राय देनी थी। पार्टी के मुताबिक भारी संख्या में लोग पत्र, मेल और नमो ऐप के जरिये भाजपा-सरकार को अपनी राय बता रहे हैं। लेकिन जब से पुलवामा में आतंकी वारदात हुई है, लोग भाजपा से पूछ रहे हैं कि बताओ, मोदी पाकिस्तान पर हमला कब करेंगे? पुलवामा में हुई आतंकी वारदात से लेकर अब तक लगभग 45 जवानों को शहीद होना पड़ा है।  

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सोमवार को केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने यह स्वीकार किया कि इस समय पूरा देश एक मत है। सभी लोग पाकिस्तान पर हमला होते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने माना कि सरकार पर इस समय पाकिस्तान पर हमला करने का भारी दबाव है। लोगों को प्रधानमंत्री मोदी से उम्मीद है कि वे इस बार पाकिस्तान को कड़ा सबक सिखायेंगे। 

हालांकि, मंत्री इस बात से बचते दिखे कि आखिर भारत पाकिस्तान पर हमला कब और कैसे करेगा। लेकिन खुद प्रधानमंत्री ने दिल्ली और पटना से देश को यह संकेत अवश्य दे दिया कि इस शहादत का बदला अवश्य लिया जाएगा। आतंक का व्यापार करने वालों को इसकी कीमत अवश्य चुकानी पड़ेगी। पीएम के इस बयान से लोगों में उम्मीद बंधी है कि सरकार इस बार सर्जिकल स्ट्राइक की तरह कोई बड़ी कार्रवाई अवश्य करेगी। सम्भवतः उनके इस बयान से ही लोगों का धैर्य बना हुआ है।
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घोषणा पत्र पर लोगों की प्रतिक्रिया लेने और उसका विश्लेषण कर केंद्र को भेजने की प्रक्रिया में शामिल दिल्ली भाजपा के एक नेता ने कहा कि हमला हुए चार दिन बीत चुके हैं। इस बीच उन्हें लाखों सवाल और सुझाव मिले हैं। पहले इन सवालों में विकास और रोजगार से जुड़े मुद्दे ज्यादा उठाए जा रहे थे, लेकिन पिछले चार दिन से पार्टी को देश की सुरक्षा और पाकिस्तान पर कड़ी प्रतिक्रिया के सुझाव खूब मिल रहे हैं। सभी पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई होते हुए देखना चाहते हैं।

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अब तक के प्रयास नाकाफी

पुलवामा आतंकी वारदात के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं। उसे दिया गया तरजीही राष्ट्र का दर्जा छीन लिया गया है। पाकिस्तान से आयात होने वाली वस्तुओं पर टैक्स 200 फीसदी तक बढ़ा दिया गया है। भारत ने विभिन्न देशों के राजनयिकों को बुलाकर पाकिस्तान को बेनकाब करने और विश्व समुदाय में उसे अलग-थलग करने का प्रयास भी किया है। लेकिन बावजूद इसके लोगों को ये प्रयास नाकाफी लग रहे हैं। जनता पाकिस्तान पर सैनिक कार्रवाई होते हुए देखना चाह रही है और यही कारण है कि सरकार के पास इस मुद्दे से बच निकलने के रास्ते कम से कमतर होते जा रहे हैं।
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