भाजपा के राष्ट्रीय महासचिवों (BJP General Secretary Meeting) की आज दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में अहम बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने की। बैठक सुबह 10 बजे से शुरू होकर दोपहर में दो बजे तक चली।
बता दें कि भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक (BJP National Executive Meeting) भी आगामी 16-17 जनवरी को प्रस्तावित है। सूत्रों के अनुसार, आज हुई राष्ट्रीय महासचिवों की बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक को लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
ये हुए शामिल
बैठक में नड्डा के अलावा राष्ट्रीय संगठन महासचिव बी एल संतोष, सुनील बंसल, अरूण सिंह, तरूण चुग, दुष्यंत गौतम, सी टी रवि, विनोद तावड़े और डी पुरंदेश्वरी शामिल हुए। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह भी इस बैठक में मौजूद थे।
इन एजेंडों पर हुई चर्चा
बैठक में 2024 के लोकसभा चुनावों और आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बूथ को सशक्त करने, वरिष्ठ नेताओं के लोकसभा प्रवास कार्यक्रम और भारत की अध्यक्षता में होने वाले जी-20 सम्मेलन से आमजन को जोड़ने के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। लोकसभा प्रवास कार्यक्रम का उद्देश्य भाजपा द्वारा चिह्नित उन 160 सीट पर बेहतर प्रदर्शन करना है, जिनपर उसका प्रदर्शन परंपरागत रूप से अच्छा नहीं रहा है।
नड्डा ने जी-20 पर खासा जोर दिया
सूत्रों की मानें तो महासचिवों की बैठक में कार्यकारिणी स्थल और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में चर्चा की गई। साथ ही कार्यकारिणी के एजेंडे पर भी चर्चा हुई। कार्यकारिणी में राजनीतिक, आर्थिक और विदेश नीति पर तीन प्रस्ताव लाए जा सकते हैं। बैठक में नड्डा ने जी-20 पर खासा जोर दिया।
आज की बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। साथ ही बैठक की जगह और अन्य इंतजामों पर भी चर्चा की गई। ऐसी खबर है कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी का फोकस इस साल नौ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव पर रहेगा। जिन राज्यों में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं, उनमें मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक, त्रिपुरा, नागालैंड, मेघालय और मिजोरम शामिल हैं।
2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिहाज से इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव बेहद अहम हैं। इनमें से मध्य प्रदेश, कर्नाटक, त्रिपुरा में बीजेपी की सरकार है और नागालैंड और मेघालय में बीजेपी सरकार के सहयोगी के रूप में सत्ता पर काबिज है। वहीं राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है तो तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति सत्ता में है। भाजपा की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा राज्यों में सत्ता कब्जाई जाए। यही वजह है कि भाजपा इन चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में चुनावी उपलब्धियों और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा होगी। कार्यकारिणी की बैठक में एक प्रस्ताव पास किया जाएगा, जिसमें भाजपा सरकार द्वारा हाल के महीनों में लोगों के आर्थिक कल्याण के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा होगी।