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यूपी चुनाव: 200 ओबीसी रैली और एससी सम्मेलन, मुस्लिम बहुल बूथों पर खास तैयारी, ऐसा है भाजपा का गेम प्लान

Sun, 03 Oct 2021 08:13 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बंगाल में ममता बनर्जी के हाथों करारी शिकस्त झेलने के बाद अब भाजपा की कोशिश हर हालत में उत्तर प्रदेश में जीतने की है। इसके लिए वह प्रदेश के ओबीसी व एससी मतदाताओं को लुभाने के लिए लगातार तैयारी में जुटी है। इसके तहत इसने इस काम के लिए एक योजना भी तैयार की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा ने बहुआयामी रणनीति अपनाई है। इसके तहत ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और एससी (अनुसूचित जाति) मतदाताओं को लुभाने के लिए जाति विशिष्ट रैलियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही अल्पसंख्यक बहुल सभी बूथों पर पहुंच बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं के विशेष दल बनाए जा रहे हैं। यह जानकारी पार्टी के नेताओं ने रविवार को दी। 

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राजनीतिक रूप से बेहद अहम राज्य उत्तर प्रदेश में जाति समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पहले ही अहम एलान कर चुका है। इसने चुनाव प्रभारियों की एक टीम का गठन करने की घोषणा की थी। इस टीम में सभी जातियों के नेताओं को स्थान दिया गया है और इसकी अगुवाई केंद्रीय मंत्री और अनुभवी चुनाव प्रबंधक धर्मेंद्र प्रधान को दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रधान खुद ओबीसी वर्ग से आते हैं।

तीन चरण की योजना से ओबीसी समुदाय में बनाएंगे पैठ
भाजपा की प्रदेश ओबीसी इकाई के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार कश्यप का कहना है कि विभिन्न ओबीसी जातियों के बीच भाजपा की तीन चरण के संपर्क कार्यक्रम की योजना है। कश्यप ने कहा, 'पहले चरण में ओबीसी की विभिन्न उप जातियों के बीच 20 सामाजिक सम्मेलनों का आयोजन होगा, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री प्रधान व भूपेंद्र यादव आदि नेता संबोधित करेंगे।'
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जाट समुदाय के लिए भी आयोजित किया जाएगा सम्मेलन
कश्यप ने आगे बताया कि ये कार्यक्रम कश्यप, राजभर, पाल, प्रजापति, जोगी, तेली, यादव, गुज्जर, सैनी, चौरसिया और कुर्मी आदि जातियों के होंगे। इसके साथ ही जाट समुदाय के लिए भी एक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। बता दें कि यूपी में जाट ओबीसी में नहीं आते हैं। भाजपा पेशे से मुख्यत: कृषि से जुड़े इस समुदाय के वोट बैंक को फिर से अपना बनाना चाहती है, जिसकी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विशेष मौजूदगी है। 

ओबीसी समुदाय की हस्तियों से मिलेंगे भाजपा कार्यकर्ता
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में पार्टी संपर्क कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इसके तहत भाजपा कार्यकर्ता ओबीसी समुदाय से आने वाली ख्यातिप्राप्त हस्तियों और जातियों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। ये कार्यकर्ता उन्हें भाजपा की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी देंगे। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस के हाथों करारी हार पाने के बाद भाजपा की पूरी कोशिश हर हालत में यूपी जीतने की है।

202 ओबीसी रैलियां होंगी, हर दो क्षेत्रों में होगी एक रैली
वहीं, तीसरे चरण में पार्टी 202 ओबीसी रैलियों का आयोजन करेगी। इसके तहत हर दो विधानसभा क्षेत्रों में एक रैली की जाएगी। ये रैलियां एक उप-जाति की होंगी और इन्हें मुख्य रूप से उस जाति के पार्टी नेता द्वारा संबोधित किया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि इसी तरह पार्टी का एससी मोर्चा भी देश के 75 जिलों में अनुसूचित जाति सम्मलनों का आयोजन करने की संभावनाएं तलाश रहा है और इस पर विचार-विमर्श कर रहा है।

बेबी रानी मौर्य के लिए सम्मान समारोह का होगा आयोजन
इसके साथ ही भाजपा, प्रदेश के कई स्थानों पर अपनी राज्य इकाई की नव नियुक्त उपाध्यक्ष बेबी रानी मौर्य के लिए विशेष सम्मान समारोह का आयोजन भी करेगी। बता दें कि आगरा की रहने वाली बेबी रानी मौर्य ने हाल ही में उत्तराखंड के राज्यपाल के पद से इस्तीफा दिया था। उल्लेखनीय है कि वह जाटव समुदाय से आती हैं और माना जा रहा है कि वह आगामी  यूपी विधानसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी भी पेश कर सकती हैं।

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