कर्नाटक में शराब बांटते लोग और भाजपा सांसद के. सुधाकर
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कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद के. सुधाकर ने कथित तौर पर अपनी जीत की खुशी में लोगों के बीच शराब बंटवाई। हालांकि, उन्होंने बाद में दावा किया था कि इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। अब के.सुधाकर ने कहा है कि इस मामले में भाजपा के मंडल अध्यक्ष जगदीश चौधरी को छह वर्ष के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है। पुलिस ने इस मामले में अपनी गलती से साफ इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि यह आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है क्योंकि समारोह में शराब बांटने की अनुमति आबकारी विभाग ने ही दी है।
वीडियो में क्या दिख रहा है?
सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया गया है। इसमें लिखा गया है कि कर्नाटक के नीलमंगला क्षेत्र में लोग शराब की बोतलें लेने के लिए कतार में खड़े हैं। आगे बताया गया है कि यह समारोह भारतीय जनता पार्टी के सांसद के. सुधाकर ने आयोजित करवाया है। सुधाकर ने लोकसभा चुनाव में चिक्कबल्लापुर सीट से जीत हासिल करने की खुशी में इस कार्यक्रम क आयोजन करवाया। सूत्रों के अनुसार इस समारोह में भाजपा के सहयोगी दल जनता दल सेक्युलर (जेडी-एस) के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। यह भी बताया गया है कि आबकारी विभाग ने इस आयोजन में शराब परोसने के लिए लाइसेंस जारी किया था।
भाजपा सांसद सुधाकर ने दी सफाई
उधर भाजपा सांसद के. सुधाकर का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘ भाजपा या जेडी-एस, जिसने भी आयोजन में शराब परोसने की व्यवस्था की, यह गलत है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। 20 वर्षों की सेवा के दौरान मैंने कभी शराब बांटने की राजनीति नहीं की।’
शिवकुमार का भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से सवाल
राज्य के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को इस मामले में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से सवाल पूछा। उन्होंने कहा, ‘मैं भाजपा के स्थानीय नेताओं से जवाब नहीं चाहता हूं। मेरा पार्टी के अध्यक्ष नड्डा से सवाल है कि क्या ये ही भाजपा की संस्कृति है?’ जब शिवकुमार से सवाल किया गया कि क्या वे इसे लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज करेंगे? इसके जवाब में शिवकुमार ने कहा कि पहले भाजपा को इस मामले में जवाब देना होगा। उधर कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने भी भाजपा को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने भी सवाल किया कि क्या ये ही भाजपा की संस्कृति है?
'पुलिस विभाग की गलती नहीं'
बंगलूरू ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक सीके बाबा ने कहा, ‘आबकारी विभाग ने समारोह में शराब बांटने की अनुमति दी थी। पुलिस को समारोह में व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए थे। इसमें पुलिस विभाग की कोई भी गलती नहीं है। आबकारी विभाग ने शराब बांटने की अनुमति दी थी और यह पूरी तरह से उनकी जिम्मेदारी है।’ सीके बाबा ने साफ तौर पर कह दिया है इस घटना में पुलिस का कोई दोष नहीं है।