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यूपी चुनाव: 69 हजार शिक्षक भर्ती विवाद का समाधान निकालने में जुटी भाजपा

Mon, 29 Nov 2021 05:42 AM IST
Jeet Kumar हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली।

सार

संसद की रणनीति तय करने के लिए रविवार को हुई राजग की बैठक में अनुप्रिया पटेल ने एक बार फिर से यह मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल प्रतियोगी छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
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शिक्षक भर्ती हेतु प्रदर्शन... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पूर्व भाजपा राज्य में 69 हजार शिक्षकों की भर्ती मामले से जुड़े विवाद का हल निकालने में जुट गई है। इस संबंध में जल्द बड़ा निर्णय हो सकता है। संसद के शीतकालीन सत्र से पहले हुई राजग की बैठक में अपना दल की अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने एक बार फिर से इस मामले को उठाया।

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बैठक में उपस्थित रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जल्द इस मामले का हल निकालने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षण नियमों का पालन नहीं होने पर यूपी सरकार से जवाब मांगा था।

खुद पिछड़ा वर्ग आयोग ने माना है कि साल 2019 में हुई इस परीक्षा में आरक्षित वर्ग की आवंटित सीटें सामान्य वर्ग को दे दी गईं। अनुप्रिया इससे पहले यह मामला प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के समक्ष भी उठा चुकी हैं।
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सूत्रों के मुताबिक बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जल्द इस मामले का समाधान करने की बात कही। नड्डा ने कहा कि इस मामले में एक महत्वपूर्ण बैठक हो चुकी है और जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा। अनुप्रिया पटेल ने बीते सत्र से पहले राजग की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था।

क्या है विवाद
यूपी बेसिक शिक्षा परिषद ने साल 2019 में सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया था। परिणाम आने के बाद परिषद पर आरक्षण नियमों की अनदेखी का आरोप लगा।

शिकायतों में कहा गया था कि इस प्रतियोगी परीक्षा में ओबीसी आरक्षण के नियमों को दरकिनार किया गया। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब इस संदर्भ में कई शिकायतों के बाद पिछड़ा वर्ग आयोग ने राज्य सरकार से आरक्षण नियमों की अनदेखी के लिए जवाब मांगा था।

क्यों चिंतित है भाजपा
दरअसल इससे जुड़ी प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम आने के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी धरना दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर भी राज्य सरकार के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ रखा है। भाजपा नहीं चाहती कि चुनाव के दौरान उस पर सामाजिक न्याय विरोधी पार्टी होने का ठप्पा लगे।

जाति जनगणना का भी मुद्दा उठा
राजग की बैठक में जातिगत जनगणना का भी मामला उठा। जदयू और अपना दल ने इस मुद्दे पर सरकार से एक स्पष्ट लाइन लेने की अपील की। जदयू के ललन सिंह और अनुप्रिया पटेल ने कहा कि इस मामले में सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। सूत्रों का कहना है कि जातिगत जनगणना के लिए इसी सत्र में सरकार अहम घोषणा कर सकती है।

सहयोगियों ने सभी मामले में सहयोग का दिया आश्वासन
बैठक में राजग के सभी सहयोगियों ने सरकार को सभी मुद्दों पर सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान कृषि कानून वापसी और इससे जुड़े बिल पर सरकार की रणनीति पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि बैठक में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मौजूद नहीं थे।

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