Maharashtra: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा मराठी दलों को एकजुट नहीं होने देना चाहती और ठाकरे ब्रांड को खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा हुआ, तो वह भाजपा को खत्म कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के बीच संभावित गठबंधन को रोकने की कोशिश कर रही है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे चचेरे भाई उद्धव ने यह बयान आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले दिया है।
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शिवसेना की स्थापना के 59 साल पूरे होने पर आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर किसी ने 'ठाकरे ब्रांड' को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो उसके गंभीर नतीजे होंगे। उन्होंने कहा, 'मराठी दलों के बीच गठबंधन न हो सके, इसके लिए होटलों और अन्य जगहों पर बैठकें की जा रही हैं।' उद्धव ठाकरे का इशारा शायद राज ठाकरे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की हालिया होटल में हुई मुलाकात की तरफ था।
उन्होंने कहा, जनता जो चाहती है, वही होगा। हम देखेंगे कैसे करना है। भाजपा और शिंदे गुट नहीं चाहते कि मराठी दल एकजुट हों। अगर आप ठाकरे ब्रांड को खत्म करने की कोशिश करेंगे, तो हम भाजपा को खत्म कर देंगे। मैं तैयार हूं। और बीजेपी से कहना चाहता हूं। अगर मुझसे भिड़ने आ रहे हो, तो एंबुलेंस अपने लिए लेकर आना। (यह बयान फिल्म 'प्रहार' के डायलॉग की तर्ज पर दिया)
हाल ही में चर्चा थी कि दोनों ठाकरे भाई आगामी नगर निकाय चुनावों में साथ आ सकते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में हिंदी थोपने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा मराठी और हिंदी बोलने वालों के बीच फूट डालना चाहती है। हालांकि, उन्हें भरोसा है कि उनकी पार्टी बृहन्मुंबई महानगरपालिका पर फिर से काबिज होगी।
उद्धव ने यह भी कहा कि भाजपा की अपनी कोई विरासत नहीं है, इसलिए उन्हें सरदार वल्लभभाई पटेल की विशाल मूर्ति लगानी पड़ी, जबकि पटेल ने देश के गृहमंत्री रहते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर प्रतिबंध लगाया था। भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के घोषणापत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं को 2100 रुपये देने और किसानों का कर्ज माफ करने के वादे किए गए थे, लेकिन विधानसभा चुनावों के बाद उन्हें पूरा नहीं किया गया।