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Reservation: कर्नाटक सरकार ने आवासीय योजनाओं में बढ़ाया अल्पसंख्यकों का आरक्षण, बढ़ाकर किया 15 फीसदी

Thu, 19 Jun 2025 08:54 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को राज्य में लागू की जा रही विभिन्न आवास योजनाओं के तहत अल्पसंख्यक समुदायों को मिलने वाले आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का निर्णय लिया।
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सिद्धारमैया, सीएम, कर्नाटक - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को राज्य में विभिन्न आवास योजनाओं के तहत अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का निर्णय लिया।राज्य सरकार के अनुसार, यह बढ़ा हुआ कोटा मुसलमान, ईसाई और जैन समुदाय सहित सभी अल्पसंख्यकों को लाभान्वित करेगा। हाल ही में सार्वजनिक निविदाओं में मुसलमानों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की राज्य सरकार की पहल के बाद यह कदम उठाया गया है। जिसकी भाजपा ने आलोचना की थी।

मंत्रिमंडल की बैठक के राज्य के कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने कहा, ‘राज्य भर में शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में आवास विभाग द्वारा लागू की जा रही विभिन्न आवास योजनाओं के तहत अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षण 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।’’

उन्होंने कहा, यह निर्णय इसलिए लिया गया कि केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यकों के अपर्याप्त आवास को ध्यान में रखते हुए कुछ निर्देश दिए थे तथा कर्नाटक सरकार ने भी राज्य में अल्पसंख्यकों के बीच बेघरों की उच्च संख्या पाई थी। आरक्षण में वृद्धि के वैज्ञानिक आधार के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति/जनजाति, सामान्य वर्ग और अन्य में बेघरों की कुल संख्या के बारे में रिपोर्टें हैं।

उन्होंने कहा, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हमने (अल्पसंख्यकों के लिए) आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाया है। यह पूछे जाने पर कि क्या जनसंख्या के आधार पर सभी समुदायों को समान सुविधाएं दी जाएंगी, पाटिल ने कहा कि जहां भी बेघरों की संख्या अधिक है, वहां ये सुविधाएं दी जाएंगी।

उन्होंने कहा, राज्यों को कुछ आवास योजनाओं का आवंटन करते समय केंद्र की ओर से कुछ निर्देश दिए गए थे, सच्चर समिति की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र द्वारा कुछ निर्देश दिए जा रहे हैं, इन सभी बातों और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

भाजपा ने फैसले का किया विरोध
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भाजपा ने सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, यह संविधान के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने भी धर्म आधारित आरक्षण को खारिज कर दिया है। इससे ओबीसी, एसटी और सामान्य जाति के गरीब लोगों का कोटा कम हो जाता है। कर्नाटक सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। मैं इसकी निंदा करता हूं। हम इसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। 

भीड़ नियंत्रण कानून ला रही कर्नाटक सरकार
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु विक्ट्री परेड के दौरान मची भगदड़ मामले को ध्यान में रखते हुए कर्नाटक सरकार  'कर्नाटक भीड़ नियंत्रण विधेयक 2025' लाने जा रही है। यह मसौदा आज कैबिनेट बैठक में चर्चा के लिए पेश किया गया। अगली बैठक में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इस नए कानून का उद्देश्य बड़े सार्वजनिक आयोजनों को नियंत्रित करना और भविष्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकना है।  प्रस्तावित विधेयक के तहत बिना अनुमति या तय मानकों के उल्लंघन पर 3 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान होगा। इसके साथ ही 5000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। 
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