पश्चिम बंगाल के संदेशखली में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम पर हमला किया गया। टीम पर तृणमूल कांग्रेस के नेता शेख शाहजहां के समर्थकों ने हमला बोल दिया। इस दौरान बदमाशों ने उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की। इस मामले को लेकर अब एनआईए की जांच की मांग उठने लगी है। वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने घटना पर चिंता जताई है।
शाह को लिखा पत्र
भाजपा अध्यक्ष डॉक्टर सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर एनआईए जांच की मांग की है।
लोकतंत्र में बर्बरता को रोकना सरकार का कर्तव्य
वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा, 'यह एक भयावह घटना है। यह चिंताजनक और निंदनीय है। लोकतंत्र में बर्बरता को रोकना सरकार का कर्तव्य है। यदि कोई सरकार अपने मूल कर्तव्य में असफल रहती है, तो भारत का संविधान अपना काम करेगा।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल राष्ट्रीय जांच अभिकरण (एनआईए) से मामले की जांच कराने और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि संदेशखली में ईडी अधिकारियों पर हुए जघन्य हमले के बाद पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई है और इसकी वजह तृणमूल कांग्रेस है। उन्होंने जांच प्रक्रियाओं की सुचिता को बरकरार रखने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का भी अनुरोध किया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीररंजन चौधरी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में पश्चिम बंगाल में कानून और व्यवस्था का अस्तित्व समाप्त हो गया है। हमारी मांग है कि पश्चिम बंगाल में तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि आज ईडी अधिकारी हमले में घायल हुए हैं, कल उनकी हत्या भी की जा सकती है। मेरे लिए ऐसी बात कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।
यह है मामला
ईडी के अधिकारी राशन वितरण घोटाले की जांच के संबंध में शाहजहां के उत्तर 24 परगना जिला स्थित आवास पर छापा मारने पहुंचे थे। एक अधिकारी ने बताया कि ईडी के अधिकारी राज्य में 15 स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं और शेख का आवास उनमें से एक है। वहीं, राशन घोटाला मामले में ईडी ने बनगांव में पूर्व बनगांव नगर पालिका अध्यक्ष शंकर आध्या के आवास पर भी छापेमारी की।
अधिकारी ने बताया कि जब ईडी अधिकारी सुबह संदेशखली इलाके में शेख के आवास पर पहुंचे तो बड़ी संख्या में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने ईडी अधिकारियों और उनके साथ आए केंद्रीय बलों के जवानों को घेर लिया। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन किया और फिर उन पर हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टीम को वहां से जाने के लिए मजबूर कर दिया। शाहजहां को राज्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक का करीबी सहयोगी माना जाता है। ज्योतिप्रिय मल्लिक को करोड़ों रुपये के राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
वाहनों में भी तोड़फोड़ की
ईडी की टीम पर तृणमूल नेता शाहजहां शेख के आवास के पास हमला किया गया। इस दौरान 200 से अधिक लोगों ने टीम के अधिकारियों और केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों को घेर लिया। भीड़ ने सरकारी अधिकारियों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की। हमले के बाद अधिकारियों को भागना पड़ा। इस दौरान भीड़ ने मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया। उनके फोन छीन लिए गए। इस घटना में कई ईडी अधिकारी जख्मी हो गए। कईयों के सिर फट गए हैं। घायलों को स्थानीय कैनिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।