मदन मित्रा की गाड़ी पर हमला होने के बाद बंगाल में सियासत गरमा गई है। तृणमूल इसे हत्या की साजिश बता रही है, तो वहीं भाजपा का दावा है कि नेताजी ने सरकारी सुरक्षा पाने के लिए खुद ही अपनी गाड़ी पर हमला करवाया है। भाजपा नेताओं ने और क्या-क्या कहा है? जानिए
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मित्रा की गाड़ी पर हमला हुआ है। कमरहटी विधानसभा क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार पर अंडे फेंके और तोड़फोड़ की। इस हमले के बाद मदन मित्रा को इलाके से वापस लौटना पड़ा। हालांकि घटना के वक्त वह गाड़ी में मौजूद नहीं थे। तृणमूल नेता ने इस पूरी घटना के लिए सीधे तौर पर 'भाजपा समर्थित बदमाशों' को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने दावा किया कि यह उनकी हत्या की साजिश थी।
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खुद कराया हमला: अर्जुन सिंह
मदन मित्रा के आरोपों पर भाजपा नेता ने पलटवार किया है। बंगाल के मंत्री अर्जुन सिंह ने शनिवार को हुई इस घटना को पूरी तरह से प्रायोजित बताया। उन्होंने कहा कि मदन मित्रा ने सुरक्षा कवर हासिल करने के लिए अपने ही लोगों से अपनी गाड़ी पर हमला करवाया है। इसके अलावा कुछ नहीं है। अर्जुन सिंह ने यह भी कहा कि अनवर मदन मित्रा का फ्रंटमैन है और शाहबाज भी उनके आगे रहता है। मदन मित्रा ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए ही यह सारा ड्रामा रचा है।
कानून हाथ में न लें: पवन सिंह
इधर, भाजपा विधायक पवन सिंह ने जनता से हिंसा से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में जो कुछ भी हुआ, वह अब भाजपा सरकार में दोबारा नहीं दोहराया जाना चाहिए। विधायक ने कहा कि लोगों ने बहुत उम्मीद के साथ हमें सत्ता सौंपी है। तृणमूल के शासन में जिन लोगों ने प्रताड़ना झेली थी, वे अब किसी न किसी रूप में अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। यही कारण है कि ऐसी घटनाएं हो रही हैं।
पवन सिंह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को साफ निर्देश दिया गया है कि अगर उन्होंने पिछली सरकार में कोई अत्याचार सहा है, तो वे सीधे पुलिस के पास जाएं। कानून को अपने हाथ में बिल्कुल न लें। उन्होंने मदन मित्रा की हत्या की साजिश के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई उन्हें मारना ही चाहेगा, तो उन्हें पहले से बताकर नहीं आएगा। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि यह इंसानी फितरत है कि जनता का गुस्सा अब उन तृणमूल नेताओं पर फूट रहा है जिन्होंने लोगों को परेशान किया था।
माकपा ने भी घेरा
इस पूरे सियासी ड्रामे पर माकपा नेता हन्नान मुल्ला ने भी तृणमूल कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल नेताओं पर ऐसे हमले जारी रह सकते हैं, क्योंकि इन लोगों ने अपने शासनकाल में सिर्फ नफरत और हिंसा की राजनीति को बढ़ावा दिया है। तृणमूल 15 साल तक सत्ता में रही। इस दौरान सैकड़ों लोग मारे गए, हजारों को पीटा गया और घरों को फूंक दिया गया। चुनाव, शिक्षा और भर्तियों के जरिए राज्य का पैसा लूटा गया। उन्होंने करोड़ों रुपये कमाए और आज राज्य की जनता उन्हें 'चोर' कह रही है। हालांकि, माकपा नेता ने कहा कि वह किसी भी नेता पर हमले के पक्ष में नहीं हैं। अपराधी को अदालत द्वारा ही सजा मिलनी चाहिए।