श्री राम और अयोध्या का राम मंदिर लंबे समय से राजनीतिक परिदृश्य में एक चुनावी मुद्दा मात्र बन कर रह गए हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने राम मंदिर निर्माण को प्रमुख मुद्दा बनाया था। हालांकि, विपक्षी दलों ने भी कई बार इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश की लेकिन, भाजपा की तुलना में सफलता किसी को नहीं मिल सकी। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शनिवार को एक बयान देकर 'श्री राम' को अपने पाले में खींचने का प्रयास किया। जिस पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कांग्रेस को राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में समर्थन देने की चुनौती दी है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह शनिवार को कहा था कि यदि कांग्रेस मध्य प्रदेश में सत्ता हासिल करती है तो राम पथ गमन का निर्माण करवाएगी। इस पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा ने जवाबी हमला करते हुए कांग्रेस से संसद में राम मंदिर निर्माण पर समर्थन देने की बात कही। झा ने कहा, ‘दिग्विजय सिंह खुद राज्यसभा के सदस्य हैं, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। वह इधर-उधर की बात करने के बजाए राम मंदिर निर्माण के मुद्दे पर संसद में अपनी पार्टी के समर्थन की घोषणा क्यों नहीं करते।’
झा ने कहा कि राम मंदिर का मामला अदालत में विचाराधीन है और इस पर निर्णय अदालत करेगी। लेकिन हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोग आपसी सहमति से इस मामले को सुलझा सकते हैं।