धर्म के नाम पर बढ़ता अनाचार एक लंबे समय से समाज के लिए चुनौती बना हुआ है। लोगों की श्रद्धा और उनकी आस्था को प्रतिबिंबित करते धर्म को अनाचार का साधन बना लेने के बावजूद कार्रवाई करना इतना आसान नहीं होता। कहा जाता है कि अनाचार तब तक बढ़ता जाता है जब तक उसका प्रतिकार नहीं होता।
इसी मुद्दे को लेकर अमर उजाला डॉट कॉम ने 'क्या धर्म के नाम पर होने वाले अनाचार के खिलाफ सरकार और कानून को कड़ी कार्रवाई करना चाहिए?' शीर्षक से अॉनलाइन पोल कराया। इसमें 92.50 प्रतिशत लोगों ने माना कि इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना जरूरी है। वहीं, 7.50 प्रतिशत लोगों का मानना है कि ऐसा नहीं होना चाहिए।