बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद खूब सियासी बयानबाजी हो रही है। विपक्ष ने मतदाता सूची पुनरीक्षण पर रोक लगाने की मांग की है। इस पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि विपक्षी दलों का चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करना बेहद दुखद है। उनको सुप्रीम कोर्ट और आयोग दोनों पर भरोसा करना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ विपक्षी दल के नेता सुप्रीम कोर्ट गए थे, खासकर मनोज झा। उन्होंने कोर्ट से स्टे मांगा, लेकिन कोई स्टे नहीं लगा। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ सुझाव दिए हैं जो ठीक हैं। आखिरी सुनवाई में फैसला आएगा। विपक्षी नेताओं को सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा करना चाहिए। मगर वे उस पर भी बयानबाजी करते हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी दल किसी राज्य में चुनाव जीत जाते हैं तो चुनाव आयोग अच्छा हो जाता है और जब हारते हैं तो चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हैं। विपक्षी दलों का ऐसा करना सही नहीं है।
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भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जब राहुल गांधी की पार्टी ने रायबरेली, वायनाड, कर्नाटक, तेलंगाना, हिमाचल और तमिलनाडु में जीत हासिल की, तब उनको चुनाव आयोग से कोई दिक्कत नहीं हुई। मगर, जब वह महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में चुनाव हार गए, तो उन्होंने चुनाव आयोग को दोषी ठहराया। अब उन्हें पता है कि बिहार में भी उन्हें जीरो मिलेगा, इसलिए वह सारा दोष चुनाव आयोग पर डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिहार में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए गए थे। राहुल गांधी वहां बैग टांगकर विरोध करने गए थे, लेकिन तेजस्वी यादव ने अपने नेताओं को टांग दिया। न तो पप्पू यादव और न ही कन्हैया कुमार को ट्रक पर चढ़ने दिया गया। भले ही वह चुनाव हार जाते हों, लेकिन उन्हें ट्रक पर तो चढ़ने दिया जाता।
'बिहार में कानून का राज, जनता को कोई परेशानी नहीं'
भाजपा नेता ने कहा कि बिहार में कानून का राज है और जनता को कोई परेशानी नहीं है। गोपाल खेमका हत्याकांड मामले में आरोपी पकड़े गए हैं और उनका एनकाउंटर भी किया गया है। कोई भी हत्या या अपराध से जुड़ी हुई घटनाएं होंगी तो आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे। नीतीश कुमार अपराध और अपराधियों से कोई समझौता नहीं करते हैं, इसलिए उन्हें जेल भेजा जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला
इससे पहले गुरुवार को बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग की तरफ से वोटर लिस्ट की विशेष जांच कराने के एलान पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि बिहार में वोटर लिस्ट की विशेष जांच जारी रहेगी। कोर्ट ने चुनाव आयोग (ईसीआई) से कहा है कि वो इस प्रक्रिया में आधार कार्ड, राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को पहचान पत्र के रूप में मानने पर विचार करे। साथ ही तीन मुद्दों पर जवाब दाखिल करे। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 28 जुलाई तय की। बता दें कि चुनाव आयोग के इस फैसले को विपक्षी दलों ने चुनौती दी थी, क्योंकि उन्हें डर था कि इससे कई वैध वोटरों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा सकता है।