पश्चिम बंगाल में कई जिलों में हिंसा के बीच पंचायत चुनावों का समापन हुआ। हिंसा को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार की कड़ी आलोचना की और ममत बनर्जी को निर्दयी बताया। भाजपा ने मंगलवार को कहा कि हिंसा राज्य सरकार द्वारा प्रयोजित थी और दावा किया कि झड़पों में करीब 45 लोग मारे गए हैं।
आठ जुलाई को पंचायत चुनाव में बेहद हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आई थीं, कहीं कोई मतपेटी को लेकर भागता नजर आ रहा था तो कहीं मतपेटी पानी में गिर पड़ी दिखाई दी और तोड़फोड़ भी की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंसा में 15 लोग मारे गए हैं। बड़ी बात ये रही कि कई स्थानों पर प्रतिद्वंद्वियों पर बम फेंके गए।। सोमवार को 19 जिलों के 696 बूथों पर दोबारा र्मतदान हुआ था जहां मतपेटी से छेड़छाड़ और हिंसा के आरोपों के बीच मतदान रद्द घोषित कर दिया गया था।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि सत्तारूढ़ टीएमसी की दादागिरी की राजनीति मतगणना के दिन भी जारी थी। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों के मतगणना एजेंटों को मतगणना केंद्रों पर जाने से रोका जा रहा है और उन्होंने चुनावी हिंसा हिंसा की निंदा की।
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि ये राज्य प्रायोजित हत्याएं हैं। बंगाल की सीएम पर संबित पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी 'मां', 'माटी' और 'मानुष' की बात करती थीं। आज 'माँ' रो रही है, 'माटी' खून से सनी हुई है, और 'मानुष' की हत्या हो गई है लेकिन निर्दयी बंद्योपाध्याय जी मूकदर्शक बन कर ये सब देख रहे हैं। पात्रा ने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा और 'लोकतंत्र की हत्या की कड़ी निंदा करती है।
आगे पात्रा ने कहा कि अगर यही दृश्य किसी भाजपा शासित राज्य से आ रहा होता तो हाहाकार मच गया होता। ये सारे नेता, जो हाथ पकड़-पकड़ कर राज्यों में खड़े होते हैं, कहां हैं ये सारे नेता? कहां हैं लालू प्रसाद यादव, कहां हैं नीतीश कुमार और कहां हैं 'मोहब्बत की दुकान' खोलने वाले राहुल गांधी? पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व और राहुल गांधी, जो 'मोहब्बत की दुकान' खोल रहे हैं, बंगाल में पंचायत चुनाव हिंसा पर चुप हैं, भले ही पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ता मारे गए हैं।
संबित पात्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने का आह्वान किया था। लेकिन राज्य सरकार ने केंद्रीय बलों को ठीक से तैनात नहीं किया, उन्होंने दावा किया कि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बलों के साथ सही डेटा साझा नहीं किया गया था। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग डर के कारण पश्चिम बंगाल से भाग गए हैं और असम में शरण ली है। उन्होंने पूछा कि क्या यही लोकतंत्र है ममता जी?