फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सबरीमाला मुद्दे को लेकर कांग्रेस, भाजपा ने केरल सरकार पर साधा निशाना

Thu, 04 Oct 2018 05:58 PM IST
एजेंसी, भाषा
विज्ञापन
विज्ञापन
सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को अनुमति देने वाले उच्चतम न्यायालय के आदेश को लेकर केरल में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा ने पुनर्विचार याचिका दायर ना करने के फैसले को लेकर माकपा-एलडीएफ सरकार की गुरुवार को आलोचना की।
विज्ञापन


कांग्रेस ने साफ कर दिया कि वह श्रद्धालुओं के साथ है जबकि भाजपा ने सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह भगवान अयप्पा के श्रद्धालुओं की मान्यताओं को खत्म करना चाहती है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्षों और सदस्यों के साथ बैठक के बाद कहा कि पार्टी हिंदू श्रद्धालुओं के साथ है और उनके पक्ष का समर्थन करेगी।

साथ ही उन्होंने आरएसएस और भाजपा से कानून बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के वास्ते केंद्र का रुख करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा को श्रद्धालुओं के साथ "बेईमानी से पेश आने" से बचना चाहिए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पी श्रीधरन पिल्लई ने कहा कि पार्टी श्रद्धालुओं द्वारा शुरू किए गए प्रदर्शनों का पूरी तरह समर्थन करेगी।
विज्ञापन


माकपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उसने हमेशा सबरीमाला मंदिर की महत्ता को कम करने और खत्म करने की कोशिश की है। पार्टी कक युवा मोर्चा और महिला मोर्चा ने पहले ही प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और पार्टी प्रदर्शनों का समर्थन कर रही है। पिल्लई ने कहा कि सरकार को अपना अहंकार छोड़ना चाहिए और जल्द से जल्द उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने के लिए तैयार होना चाहिए। 

इस मुद्दे पर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रदर्शन तेज होने के साथ महिला मोर्चा की सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने यहां मार्च निकाला और राज्य सरकार से पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग की। केरल सरकार ने बुधवार को बोर्ड की उच्च स्तरीय बैठक के बाद कहा था कि वह आगामी तीर्थयात्रा में ही फैसले को लागू करेगी। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा की तेज तर्रार नेता शोभा सुरेंद्रन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की जो महिलाएं अयप्पा मंदिर की परंपरा और रीति रिवाज से अवगत हैं वे सरकार के रुख का समर्थन नहीं करेंगी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें