वहीं कांग्रेस ने आजाद का बचाव करते हुए सफाई पेश करते हुए कहा कि उनका बयान देश के हर निर्दोष नागरिक को लेकर था। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविशंकर प्रसाद को जवाब देते हुए कहा कि चाहे आतंकी हों या माओवादी, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की देश की सेना में जज्बा भी है, क्षमता भी है और बहादुरी भी है और पूरा देश उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने भी यही बात दोहराई थी।
सुरजेवाला ने कहा कि एक चिंता जो इस देश के हर नागरिक को होनी चाहिए कि हर बार जब भी कोई सैन्य आपरेशन हो उसमें कम से कम नागरिकों हताहत हों, इसमें क्या गलत है।
उन्होंने कहा कि आतंकी और माओवादी मारे जाएं, लेकिन किसी निर्दोष को अपनी जान से हाथ न धोनी पड़े। उन्होंने आगे कहा कि हमारे देश की सुरक्षा एजेंसियां इसकी पूरी कोशिश करती रही हैं कि एक भी आतंकी, माओवादी या उग्रवादी कानून के शिंकजे से न बच सके और उस ऑपरेशन में किसी निर्दोष की मौत न हो। वहीं सुरजेवाला ने सवाल किया कि क्या इस देश के निर्दोष नागरिकों की मौत के बारे में चिंता जाहिर करना देशविरोधी हो गया है।
गौरतलब है कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के उस बयान पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जिसमें उन्होंने कहा कि घाटी में चल रहे सेना के ऑपरेशन में आतंकी कम नागरिक ज्यादा मारे जा रहे हैं। वहीं आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भी आजाद के इस बयान के समर्थन में प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में सेना नागरिकों को तड़पा रही है और वहां के आजाद ने जो बात कही है वह बिल्कुल सही है।
वहीं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि सैफुद्दीन सोज का जो बयान आया है कश्मीर को लेकर वो कांग्रेस की सोच को प्रस्तुत करता है और कश्मीर की समस्या कांग्रेस की ही देन है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोज के बयान पर बचाव करते हुए कहा कि भारतीय कांग्रेस पार्टी और इस देश के लोगों की तरफ वे स्पष्ट करना चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर इस देश का अभिन्न अंग था, है और युग-युंगातर तक रहेगा।
उन्होंने कहा कि किताब बेचने के सस्ते हथकंडे अपनाने के लिए किसी व्यक्ति के बयान से यह शाश्वत सत्य बदलने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस प्रकार के सभी बयानों को अप्रासंगिक ठहराते हुए सिरे से खारिज करती है, साथ ही यह भी कहना चाहूंगा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, था और सदैव रहेगा।
भाजपा ने अंद्राबी को बनाया था मैस्कट
सुरजेवाला ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा-पीडीपी की सरकार में मजहरत आलम और आसिफा अंद्राबी को कई जम्मू-कश्मीर में बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान का मैस्कट भी बनाया था और वही आसिफा अंद्राबी पाकिस्तान जाकर जमात-उल-दवा के उग्रवादियों के साथ भारत विरोधी प्रचार करती थीं।
वहीं उन्होंने कहा कि भाजपा-पीडीपी सरकार में उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने तो यहां तक भी कह डाला था कि अगर सुरक्षा बलों को पता होता कि आतंकी बुरहान वानी उस मकान के अंदर था, तो वे सुरक्षा बलों को वापस बुला लेते। उन्होंने कहा कि भाजपा बयानों से देश को भटकाना छोड़ें और बताएं कि काला धन को सफेद करने की साजिश हुई कैसे। पैसा आया कहां से और गया कहां से।
सुरजेवाला ने भाजपा पर कश्मीर में हिंसा फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिंसा का ऐसा तांडव जो शायद पहले कभी कहीं नहीं देखा गया और अगर हिंसा की इस आग में राज्य को झोंकने के लिए व्यक्तिगत तौर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा सरकार जिम्मेवार है।
सुरजेवाला ने कहा कि कश्मीर में न उग्रवाद रुका, न पाकिस्तान से आने वाले आतंकी रुके और न ही पिछले 4 साल में पाकिस्तान से 3 हजार बार किए गया एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर का उल्लंघन रूका।
उन्होंने आगे कहा कि घाटी में भटके हुए लोगों को मुख्यधारा में लाने के लिए रोजगार, रोटी और शांति और संविधानिक परंपराओं के निर्वहन के लिए मोदी सरकार ने कुछ नहीं किया। बल्कि वहां बहुत सारा अनापशनाप भष्टाचार हुआ और उसकी सारी चरमसीमा लांघ ली गई। इसका जवाब मोदी जी को देने की आवश्यकता है।
रविशंकर प्रसाद पर साधा निशाना
सुरजेवाला ने रविशंकर प्रसाद और मोदी कैबिनेट को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वह एक ऐसे मंत्री हैं जिन्होंने पूरे कानून मंत्रालय को ध्वस्त कर दिया, संविधान की परिपाटी को धूमिल कर दिया, यहां तक कि देश के लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। वहीं वह अब गृह मंत्री बनने की कोशिश कर रहे हैं और गृह मंत्री चुप हैं और कानून मंत्री बोल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ये अजीब सा लगता है कि सुरक्षा मंत्री की जगह समाज कल्याण मंत्री बोलते हैं। जो सुरक्षा मंत्री हैं वे शिक्षा मंत्री का बयान देती हैं। वित्त मंत्री विदेश मंत्रालय चलाने की कोशिश करते हैं और विदेश मंत्री ट्विटर पर बिजी रहती हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि जो सरकार यह तय नहीं कर पा रही है कि उनका वित्त मंत्री कौन है, प्रधानमंत्री कार्यलय किसी और को वित्त मंत्री दिखाता, वहीं वित्त मंत्रालय की वेबसाइट किसी और को दिखा रही है।