बीजू जनता दल (बीजद) से राज्यसभा सांसद सुजीत कुमार ने भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने हाल ही में राज्यसभा से इस्तीफा दिया था। थोड़ी देर पहले ही बीजद ने सुजीत कुमार को पार्टी से निष्कासित किया था। कार्रवाई पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों के तहत की गई है। इससे पहले उपराष्ट्रपति और उच्च सदन के सभापति जगदीप धनखड़ ने राज्यसभा सांसद कै तौर पर उनका इस्तीफा मंजूर किया था।
भाजपा में शामिल होने के बाद सुजीत कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं। वह हमेशा पूर्वी भारत के विकास को सुनिश्चित करने में बहुत सक्रिय रहे हैं। यह इलाका अब तक देश के अन्य राज्यों की तुलना में थोड़ा पिछड़ा हुआ था। ओडिशा से उनका विशेष लगाव है। ओडिशा 2036 में अपने गठन के 100 साल पूरे करेगा। उन्होंने हमेशा मार्गदर्शन किया है कि ओडिशा कैसे एक विकसित राज्य बन सकता है। ओडिशा में सीएम मोहन चरण माझी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद से ही इसे विकसित बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि मैं उनके साथ जुड़ पाया।
तत्काल प्रभाव से बीजद से निष्कासित
बीजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि सुजीत को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण तत्काल प्रभाव से बीजद से निष्कासित किया गया है। बयान के मुताबिक, जिस पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा, उसी पार्टी को उन्होंने निराश किया है। उन्होंने कालाहांडी जिले के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं पर पानी फेर दिया है।
2020 से राज्यसभा के सदस्य थे
सुजीत कुमार साल 2020 से राज्यसभा के सदस्य थे। वह वर्तमान में राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने ओडिशा सरकार की विशेष विकास परिषद (एसडीसी) के मुख्य सचिव के सलाहकार के रूप में और ओडिशा राज्य योजना बोर्ड के विशेष सचिव के रूप में भी कार्य किया।
ममता मोहंता ने भी बीजद से इस्तीफा दिया था
कुछ दिन पहले ही ओडिशा की कुडुमी समुदाय की नेता ममता मोहंता ने राज्यसभा और बीजद से इस्तीफा दे दिया था। वह हाल ही में भाजपा के सदस्य के रूप में संसद के ऊपरी सदन के लिए निर्विरोध चुनी गईं।