गौतम बुद्ध नगर के बिसहड़ा गांव में बीफ को लेकर हुई इकलाख की हत्या के मामले की सीबीआई जांच से हाईकोर्ट ने इंकार दिया है। पुलिस इस मामले में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। हत्याभियुक्त जेल में बंद हैं और मुकदमे के विचारण की प्रक्रिया शुरू है।
इस जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर हस्तक्षेप से इंकार करते हुए इसे खारिज कर दिया है। बिसहड़ा के संजय सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रेखा दीक्षित की पीठ ने सुनवाई की।
याची का कहना था कि वह घटना का प्रत्यक्षदर्शी है और उसी की सूचना पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची थी। पुलिस घटना की सही जांच नहीं कर रही है। राज्य सरकार के दबाव में विवेचक ने इकलाख के घर से बरामद मांस के टुकड़े की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट विवेचना में शामिल नहीं की है।
याचिका का अपर महाधिवक्ता इमरानउल्लाह और एजीए विकास सहाय ने प्रतिवाद किया। इनका कहना था कि याची इस मामले में न तो वादी है और न ही अभियुक्त। उसे याचिका दाखिल करने का क्षेत्राधिकार नहीं है।
फोरेंसिक जांच रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की गई है। मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। कोर्ट ने उस पर संज्ञान लेते हुए विचारण भी प्रारंभ कर दिया है। इस स्थिति में सीबीआई जांच का औचित्य नहीं है। अभियुक्तगण अर्जी दाखिल कर मुकदमा लंबित करना चाहते हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया।