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'बात नहीं करनी, इंसाफ चाहिए': ममता बनर्जी से नाराज हुए मृत TMC कार्यकर्ता के भाई; क्या है पूरा मामला?

Sun, 09 Aug 2026 07:05 PM IST
राकेश कुमार एएनआई, कांचरापाड़ा।

सार

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता बिरजू केओट की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। पुलिस जहां मौत का कारण हृदयाघात बता रही है, वहीं मृतक के परिजनों ने हिरासत में मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बात करने से मृतक के भाई शंभू केओट ने इनकार कर दिया।
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शंभू केओट, मृत टीएमसी कार्यकर्ता के भाई - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अपने घर पहुंचने पर मृत टीएमसी कार्यकर्ता बिरजू केओट के भाई शंभू केओट ने उनसे बात नहीं की। शंभू ने कहा कि वह ममता बनर्जी से कोई बातचीत नहीं करना चाहते। उनका कहना है कि इस समय उनकी एक ही मांग है कि उनके भाई को न्याय मिले।
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शंभू केओट ने घटना को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके भाई सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करते थे। पुलिस उन्हें घर से लेकर गई थी। शंभू के मुताबिक, उनके भाई को सुबह सात बजे हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। इसके बाद सुबह 10 बजे उन्हें चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया और फिर अदालत में पेश किया गया।

क्या हुआ था, भाई ने क्या आरोप लगाए?
शंभू केओट के मुताबिक, पुलिस ने अदालत से उनके भाई की पांच दिन की हिरासत हासिल की थी। लेकिन इसके अगले ही दिन सुबह उनके भाई की मौत हो गई। उन्होंने दावा किया कि जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो उनके भाई के शरीर पर पिटाई के कई निशान दिखाई दिए। शंभू ने कहा कि उन्होंने खुद उन निशानों को देखा था। मृतक के भाई शंभू ने आरोप लगाया है कि परिवार को उनके भाई की गिरफ्तारी का कारण भी नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई कि पुलिस ने उन्हें किस वजह से पकड़ा था।
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परिवार की क्या मांग है?
शंभू केओट ने स्थानीय विधायक से इस मामले पर ध्यान देने और परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और मामले में शामिल अन्य लोगों को सजा देने की मांग की।

क्या है बिरजू केओट की मौत का मामला?
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के कांचरापाड़ा तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता बिरजू केओट की पुलिस हिरासत में मौत के बाद विवाद बढ़ गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, हलीशहर पुलिस ने बिरजू केओट को वसूली और अन्य कथित भ्रष्ट गतिविधियों से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया था। उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस को पांच दिन की हिरासत मिली। 
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परिवार का दावा है कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे उनकी पत्नी ने थाने में उनसे मुलाकात की थी और उस समय वह ठीक थे। इसके बाद आठ अगस्त की सुबह हिरासत में उनकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस सूत्रों की ओर से मौत की संभावित वजह हृदयाघात बताई गई है। वहीं, बिरजू के परिवार ने पुलिस पर मारपीट और हिरासत में प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। 
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