देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू पक्षियों के लिए काल बन हुआ है। इस रोग की चपेट में महाराष्ट्र के भी नौ जिले आ गए हैं। गुरुवार को राज्य में 382 पक्षियों की मौत हो गई। इसके साथ ही आठ जनवरी के बाद से अब तक राज्य में कुल 3400 से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है।
परभणी में 3400 से अधिक पक्षी मारे गए
महाराष्ट्र के परभणी जिले में बर्ड फ्लू से 100 से अधिक मुर्गियों की मौत की पुष्टि होने के बाद 3,400 से अधिक पक्षियों को मारा गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी में बताया कि परभणी के मुरुंबा में पिछले सप्ताह करीब 900 मुर्गियों की मौत हो गई थी। जिला प्रशासन ने इसके बाद, जहां मुर्गियों की मौत हुई, उसके एक किलोमीटर तक के दायरे में पक्षियों को मारने का फैसला किया था।
परभणी के कलेक्टर दीपक मुगलिकर ने कहा,‘बुधवार को पक्षियों को मारा गया। कल रात तक 3,443 पक्षियों को मारा गया।’ उन्होंने बताया कि कुप्ता गांव से कुछ मृत पक्षियों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भी भेजे गए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘जिले में कहीं ओर से कोई प्रतिकूल खबर नहीं मिली है। मुरुंबा गांव के निवासी एकदम ठीक हैं, किसी में फ्लू का कोई लक्षण नहीं है।’
सिक्किम में अन्य राज्यों से पॉल्ट्री उत्पादों के प्रवेश पर एक महीने की पाबंदी
सिक्किम सरकार ने अन्य राज्यों से आने वाले पॉल्ट्री उत्पादों के एक महीने तक प्रदेश में प्रवेश पर बृहस्पतिवार को पाबंदी लगा दी। देश के विभिन्न राज्यों में बर्ड फ्लू के प्रकोप के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। पशुपालन और पशु चिकित्सा सेवा विभाग के सचिव एस. डी. सुब्बा ने पाबंदी के संबंध में अधिसूचना जारी की।
अधिसूचना में कहा गया है, ‘कई राज्यों में बर्ड फ्लू के संकट को ध्यान में रखते हुए और राज्य में संक्रमण के प्रवेश को रोकने के लिहाज से सिक्किम सरकार अधिसूचना जारी होने के दिन से एक महीने के लिए राज्य में अन्य जगहों से पॉल्ट्री और पॉल्ट्री उत्पादों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाता है।’