बस्ती के लालगंज थानाक्षेत्र के बिंध्यापार (बरंडा) गांव के खेत में रविवार सुबह आठ मोर और दो कबूतरों की मौत की सूचना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वहीं, अंबेडकरनगर के आलापुर तहसील अंतर्गत शाहपुर औरांव गांव के बाहर स्थित खेत में भी चार मोर मृत मिले हैं। बर्ड फ्लू की आशंका में पक्षियों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है।
बस्ती के बिंध्यापार (बरंडा) गांव के रवि पाल रविवार सुबह फसल की निगरानी करने खेत जा रहे थे तो देखा कि गेहूं के खेत में आठ मोर थोड़ी-थोड़ी दूर पर मृत पड़े थे। दूसरे खेत में दो कबूतर भी पड़े थे। जांच करने पहुंची टीम के पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. सुशील शुक्ल व पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ठंड के कारण मौत होना प्रतीत हो रहा है।
फिलहाल जांच के लिए सैंपल बरेली स्थित प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारण पता चल पाएगा। राष्ट्रीय पक्षी को सम्मान के साथ बनकटी स्थित पौधशाला में दफनाया जाएगा।
उधर, अंबेडकरनगर के शाहपुर औरांव गांव के बाहर स्थित खेत में रविवार को सुबह चार मोर मृत मिलने से सनसनी फैल गई। मौके पर दो मोर के अवशेष भी मिले। जानकारी होते ही पशु विभाग व वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। तीन मृत मोर को राष्ट्रीय सम्मान के खेत में ही दफन कर दिया गया, जबकि एक के शव को जांच के लिए बरेली भेज दिया गया।
उन्नाव : बर्ड फ्लू का डर, पांच बतख मृत मिलीं, दस बीमार
हड़हा बाजार के पास स्थित तालाब में रविवार को लोगों ने पांच बतख मरी देखीं जबकि कई बीमार हालत में नजर आईं। बर्ड फ्लू की आशंका से लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम पहुंची और मृत बतखों का पोस्टमार्टम कराकर जमीन में दफना दिया।
वहीं तालाब के आसपास मौजूद 10 बतख बीमार मिलने पर उनका सैंपल बरेली भेजा गया। टीम ने बीमार बतखों को बस्ती से बाहर रखने का सुझाव दिया है। सीवीओ ने बताया कि तीन दिन में रिपोर्ट आएगी।
बर्ड फ्लू का पहला केस मिलने के बाद एक किलोमीटर दायरे में पक्षियों को मारने के निर्देश पर चौथे दिन रविवार को पशुपालन विभाग की टीम ने 557 मुर्गा- मुर्गी और 48 बतखों को मारने का दावा किया। बेहोश करने के बाद पक्षियों को मारा गया और फिर जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर दफन करा दिया।
बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद बुधवार शाम को पशुपालन विभाग के अफसरों ने एक किलोमीटर के दायरे को कंटेंमेंट जोन घोषित करने के साथ इलाके के पक्षियों को मारने की जानकारी दी थी। बृहस्पतिवार से लगाकर पालतू पक्षियों की गणना शुरू की गई। तीन दिन में गणना पूरी न होने पर कार्रवाई टलती जा रही थी।
ऐसे में कई पोल्ट्री फार्म से पक्षी गायब करके दूसरे स्थान पर रखवाने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसे देखते हुए रविवार को गणना पूरी होने के बाद पक्षियों को मारने की कार्रवाई शुरू की गई।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार गर्ग और डिप्टी सीवीओ डॉ. राजीव मिश्र ने दोपहर को एसडीएम से मिलकर पुलिस फोर्स की मांग की। शाम को शेरपुरकलां में आबादी के पास नवनिर्मित राजकीय मॉडल इंटर कालेज परिसर में जेसीबी से गड्ढा खुदवाया गया।
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कानपुर : नौ और पक्षी मृत मिले, 34 नमूने लिए
कानपुर। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद रविवार को भी विभिन्न क्षेत्रों में नौ और पक्षी मृत मिले। वहीं परेड क्षेत्र से विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, मिट्टी, पानी आदि के 34 नमूने लिए गए। इन्हें जांच के लिए बरेली भेजा गया है। उधर, चिड़ियाघर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। 21 जनवरी को दोबारा पक्षियों, पानी आदि के नमूने लेकर बर्ड फ्लू की जांच कराई जाएगी। इनके निगेटिव आने के बाद ही चिड़ियाघर को दर्शकों के लिए खोलने का फैसला लिया जाएगा।