बेहतर तालमेल की वजह से कर पाए मुकाबले
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समीक्षा बैठक रखी थी, जिसमें तंत्र को सतर्क करने के लिए अलग-अलग बैठक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और सूचनाओं को आदन प्रदान हुआ था। केंद्र और राज्य के बेहतर तालमेल की वजह से हम भयानक तूफान का मुकाबला कर पाए। 140 किमी की रफ्तार के साथ चक्रवात जब तट से टकराता है, तो साचिए कितना भयावह मंजर रहा होगा। बड़ी बात यह है कि तीसरे दिन जब इसकी समीक्षा करते हैं तब पता चलता है कि एक भी व्यक्ति की जान नहीं गई है, तब काम करने का संतोष होता है।
प्रधानमंत्री ने दिया इंतजाम करने का आदेश
शाह ने बताया कि चक्रवात बिपरजॉय के कारण करीब 47 लोग घायल हुए, लेकिन उनमें से कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है। चक्रवात के दौरान लगभग 234 जानवरों की मौत हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवात के दस्तक देने से पहले सभी इंतजाम करने का आदेश दिया था। खुद पीएम ने तैयारियों के संबंध में राज्य सरकार और एजेंसियों के साथ चर्चा की थी।
20 जून तक बिजली सुचारु कर देंगे: शाह
उन्होंने बताया कि जिन 3400 गांवों में बिजली आपूर्ति बंद की गई थी, उनमें से 1600 गांवों में बिजली बहाल कर दी गई है। मुझे विश्वास दिलाया गया है कि 20 जून की शाम तक सभी गांवों में बिजली सुचारु कर दी जाएगी।
लाखों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया
चक्रवात के कारण लगभग 1.08 लाख नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। लगभग 73,000 जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। उन्होंने कहा, एक लाख से अधिक मछुआरों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। एनडीआरएफ की 19 टीमें, एसडीआरएफ की 13 टीमें और 2 रिजर्व बटालियन तैनात की गई थीं। सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक, पुलिस और बीएसएफ ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ काम किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मांडवी के कठदा गांव के लोगों से मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने कच्छ जिले में एनडीआरएफ कर्मियों से भी मुलाकात की।