फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Droupadi Murmu Biography: राष्ट्रपति मुर्मू की आत्मकथा रिलीज होगी, प्रकाशक ने की घोषणा

Tue, 02 Aug 2022 06:36 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

'मैडम प्रेसीडेंट : ए बायोग्राफी ऑफ द्रौपदी मुर्मू' भारत की 15वीं राष्ट्रपति की यह पहली प्रामाणिक बायोग्राफी होगी जिसमें उनके जीवन के शुरुआती वर्षों, उनके संघर्षों और कई परीक्षणों का जिक्र किया गया है जिसने उन्हें देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाया है। 
विज्ञापन
भारत की 15वीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश की आजादी के बाद जन्मी पहली और सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर एक बायोग्राफी इस साल के अंत तक सामने आएगी। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (पीआरएचआई) ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। 
विज्ञापन


'मैडम प्रेसीडेंट : ए बायोग्राफी ऑफ द्रौपदी मुर्मू' भारत की 15वीं राष्ट्रपति की यह पहली प्रामाणिक बायोग्राफी होगी जिसमें उनके जीवन के शुरुआती वर्षों, उनके संघर्षों और कई परीक्षणों का जिक्र किया गया है जिसने उन्हें देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचाया है। 

इसे भुवनेश्वर के वरिष्ठ पत्र संदीप साहू ने लिखा है। साहू ने एक बयान में कहा, पेंगुइन इडिया ने मुझसे संपर्क किया था कि इस किताब को लिखने की क्या संभावना है, तथ्य यह था कि यह किताब भारत की राष्ट्रपति बनने वाली पहली आदिवासी महिला पर होगी, जो कि वास्तव में ऐतिहासिक है। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा, वह ओडिशा के आदिवासी बहुल मयूरभंज जिले से ताल्लुक रखती हैं, जहां मैंने अपनी पूरी किशोरावस्था बिताई है, यह भी इसे लिखने का एक और मुख्य वजह थी। 

यह किताब मयूरभंज के एक गांव से राष्ट्रपति भवन तक राष्ट्रपति मुर्मू का अभूतपूर्व उत्थान भारत में लोकतंत्र के सशक्तिकरण का एक आकर्षक अध्ययन प्रस्तुत करता है।

उन्होंने राजनीति में अपना पहला कदम रायरंगपुर में उठाया, जहां उन्हें 1997 में रायरंगपुर अधिसूचित क्षेत्र परिषद में भाजपा पार्षद के रूप में चुना गया था। उन्होंने 2000 से 2004 तक ओडिशा की बीजद-भाजपा गठबंधन सरकार में मंत्री पद संभाला। उन्हें झारखंड की राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया और वह 2021 तक इस पद पर रहीं। 

प्रकाशकों के मुताबिक, मुर्मू 'भारत की महान लोकतांत्रिक भावना' की कहानी हैं, जो इस किताब के माध्यम से पाठकों-दर्शकों तक पहुंचेगी, जिससे कई लोग अपने सपने देखने और उसके साकार करने के लिए प्रेरित होंगे। 

पेंगुइन प्रेस की प्रकाशक मेरु गोखले ने कहा, "यह एक प्रेरणादायक महिला, एक आदिवासी नेता की कहानी है, जो ठोस राजनीतिक जीवन के साथ एक स्टेट्सवुमन रही हैं। फिर भी, हम उनके जीवन के बारे में बहुत कम जानते हैं। सभी भारतीयों के लिए एक रोल मॉडल के रूप में राष्ट्रीय मंच पर उनका उभार देश के आदिवासी समुदायों के लिए एक सशक्त संदेश है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें