Karnataka: कर्नाटक में बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक के खिलाफ बंगलूरू में चालकों ने विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से नियम बनाकर सेवाएं फिर शुरू करने की मांग की। हाईकोर्ट ने पहलेबाइक टैक्सी पर लगी रोक हटाने से इनकार किया है।
बंगलूरू में कुछ बाइक टैक्सी चालकों ने शनिवार को विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। वे कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगी रोक का विरोध कर रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आग्रह किया कि वह इस रोक को हटाए और बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर स्पष्ट नियम बनाए, ताकि वे फिर से काम शुरू कर सकें।
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पुलिस ने बताया कि ये लोग जैसे ही विधानसभा के सामने जमा हुए, उन्हें हिरासत में लेकर वहां खाली किया गया। इनके खिलाफ बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और नियमों के उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया गया है।
बाइक टैक्सी चालकों ने कहा कि यह सेवा कर्नाटक की परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा है और इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। उनका मानना है कि अगर सरकार उचित नियम बना दे तो यह सेवा सभी के लिए फायदेमंद बनी रह सकती है।
इससे पहले, कर्नाटक हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने एकल पीठ के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था, जिसमें राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं को निलंबित करने को कहा गया था। यह सुनवाई उन कंपनियों की अपील पर हो रही थी जो ओला, उबर और रैपिडो जैसी सेवाएं संचालित करती हैं।
इन कंपनियों ने 2 अप्रैल के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें कहा गया था कि छह हफ्तों के अंदर बाइक टैक्सी सेवाएं बंद कर दी जाएं। बाद में इस समयसीमा को 15 जून तक बढ़ा दिया गया था। अदालत ने कहा था कि जब तक राज्य सरकार मोटर वाहन कानून के तहत नियम नहीं बनाती, तब तक ऐसी सेवाएं नहीं चल सकतीं।