बिहार में प्रदर्शन के दौरान घायल छात्रों से राहुल गांधी ने मुलाकात की और उनकी आपबीती सुनी। एक छात्र ने बताया कि गोली लगने से उसके पैर की हड्डी टूट गई। ऑपरेशन में रॉड डालनी पड़ी। उसका सपना सेना में जाकर देशसेवा करने का था, लेकिन अब वह खुद को इसके लिए असमर्थ मानता है। राहुल ने छात्रों से पूछा कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों हुआ और भरोसा दिलाया कि उनकी मदद की जाएगी। आइए, विस्तार से जानते हैं सात मिनट के वीडियो में राहुल गांधी और छात्रों के बीत क्या बात हुई...
बिहार में प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुलाकात की। बातचीत में छात्रों ने उन्हें बताया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें गोलियां लगीं और इसके बाद भी उन्हें तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया। एक छात्र के पैर में गोली लगने से हड्डी टूट गई और उसे ऑपरेशन कर रॉड डालनी पड़ी। छात्र ने राहुल को बताया कि उसका सपना सेना में जाकर देश की सेवा करने का था, लेकिन चोट के बाद उसे लगता है कि अब वह यह सपना पूरा नहीं कर पाएगा। राहुल गांधी ने उसकी चोट, परिवार और भविष्य को लेकर विस्तार से बात की।
राहुल गांधी से बातचीत में घायल छात्रों ने बताया कि वे पढ़ाई से जुड़े काम के लिए सिवान गए थे और प्रदर्शन का हिस्सा भी थे। एक छात्र ने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ वहां से निकलने की कोशिश कर रहा था। उसके मुताबिक, प्रशासन की ओर से लाठी चल रही थी और स्थिति तनावपूर्ण थी। वह पीछे मुड़ा ही था कि उसे गोली लग गई। गोली लगने के बाद उसका पैर तुरंत झटका खाकर गिर गया और वह खड़ा नहीं हो पा रहा था। छात्र ने बताया कि फायरिंग की आवाज कई बार सुनाई दी, लेकिन उसे एक गोली लगी। एक अन्य छात्र ने बताया कि उसे भी गोली लगी और वह घायल हो गया।
सोचिए, ऐसा क्या गुनाह किया था इन बच्चों ने कि इन्हें गोली मार दी गई?
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 6, 2026
इन्होंने सरकार से सिर्फ़ तीन चीज़ें माँगी थीं - शिक्षा, रोज़गार, और जवाबदेही।
एक छात्र के पैर की हड्डी AK 47 की गोली से टूट गई। सेना में जाकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी उसी के साथ चला गया। दो और छात्रों… pic.twitter.com/TzkRmPLDMz
घायल छात्र ने राहुल गांधी को बताया कि गोली लगने के बाद काफी खून निकल रहा था। इसके बावजूद उसे तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया। छात्र के अनुसार, उसे करीब 30 से 40 मिनट बाद अस्पताल ले जाया गया। उसने दावा किया कि गोली लगने के बाद भी प्रशासन के लोग उसे डंडे से मार रहे थे। उसने बताया कि वह लगातार अस्पताल ले जाने के लिए कह रहा था, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। छात्र ने यह भी कहा कि उसने पानी मांगा, लेकिन पानी भी नहीं दिया गया। उसके अनुसार, उसे थाने ले जाया गया और वहां भी तत्काल इलाज की व्यवस्था नहीं हुई।
राहुल गांधी ने घायल छात्र से पूछा कि उसके पैर में गोली लगने के बाद क्या ऑपरेशन हुआ। छात्र ने बताया कि पटना के मेदांता अस्पताल में उसकी सर्जरी हुई और पैर में रॉड लगाई गई। उसने बताया कि गोली ने उसकी हड्डी तोड़ दी थी और अभी भी वह पैर नीचे रखने की स्थिति में नहीं है। छात्र ने कहा कि दर्द बहुत ज्यादा है और पैर सुन्न भी रहता है। बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने उससे पूछा कि क्या वह अब भी सेना में जा सकता है। छात्र ने जवाब दिया कि अब ऐसा नहीं हो पाएगा। उसने कहा कि उसका सपना देश की सेवा करने और सीमा पर जाकर देश के लिए काम करने का था।
बातचीत में राहुल गांधी ने छात्रों से उनके परिवार और आर्थिक स्थिति के बारे में भी पूछा। घायल छात्र ने बताया कि उसके पिता मजदूरी करते हैं और उनकी तबीयत खराब है। उसकी मां की तबीयत भी खराब रहती है। उसका एक छोटा भाई है और परिवार को उम्मीद थी कि वह पढ़ाई करके आगे बढ़ेगा और नौकरी हासिल करेगा। छात्र ने बताया कि आर्थिक स्थिति पहले से खराब है और चोट के कारण परेशानी और बढ़ गई है। एक अन्य छात्र ने बताया कि उसके पिता बचपन में ही गुजर गए थे। उसकी मां घर पर रहती हैं और वह अपने बड़े भाई के साथ काम करके परिवार चलाता है। उसने बताया कि वह कपड़ों की दुकान में काम करता है। दूसरे छात्र ने कहा कि वह बाहर नौकरी करने के साथ पढ़ाई भी करता है।
राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा कि क्या वे पुलिस के लिए किसी तरह का खतरा पैदा कर रहे थे। छात्रों ने कहा कि वे प्रदर्शन कर रहे थे और उनके पास कोई हथियार नहीं था। एक घायल छात्र ने बताया कि गोली लगने के बाद भी वह जमीन पर गिर गया था और उसका दोस्त उसे उठाने की कोशिश कर रहा था। उसके मुताबिक, इसके बाद प्रशासन के लोग वहां पहुंचे और डंडे से मारने लगे। छात्र ने दावा किया कि आसपास मौजूद दूसरे लोगों और वहां से गुजर रहे लोगों के साथ भी मारपीट की गई। छात्रों ने यह भी कहा कि उन्हें गोली लगने के बाद अस्पताल ले जाने के बजाय छोड़ दिया गया।
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने छात्रों से पूछा कि पुलिस की कार्रवाई का आदेश कौन दे रहा था और क्या वहां कोई अधिकारी मौजूद था। छात्रों ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं थी। एक छात्र ने बताया कि चार-पांच पुलिस वाले वहां थे। राहुल ने छात्रों से यह भी पूछा कि उस समय पुलिस वाले डरे हुए थे या गुस्से में थे। छात्र ने जवाब दिया कि पुलिस वाले बहुत गुस्से में थे। घायल छात्रों ने कहा कि गोली लगने के बाद वे मदद की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।
घायल छात्रों से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया भी साझा की। उन्होंने लिखा, “कल्पना कीजिए, इन बच्चों ने ऐसा कौन सा पाप किया था कि उन्हें गोली मार दी गई?” राहुल ने कहा कि इन छात्रों ने सरकार से केवल तीन चीजें मांगी थीं- शिक्षा, रोजगार और जवाबदेही। उन्होंने कहा कि एक छात्र के पैर की हड्डी एके-47 की गोली से टूट गई और सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का उसका सपना भी इसके साथ टूट गया। राहुल ने कहा कि दो अन्य छात्रों के कंधों को भी गोलियों ने छलनी किया। उनके मुताबिक, ये अपराधी नहीं थे, बल्कि गरीब परिवारों के बच्चे थे, जो अपने परिवारों के सपने लेकर पढ़ाई के लिए निकले थे।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि छात्रों की टूटी हड्डियां ठीक हो जाएंगी, लेकिन क्या उनके टूटे हुए सपनों को वापस लाया जा सकता है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि गोली के घाव भर जाएंगे, लेकिन उन बच्चों के भीतर बैठ गए डर का इलाज कौन करेगा। राहुल के मुताबिक, कुछ छात्र अच्छी नौकरी चाहते थे, जबकि कुछ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदलना चाहते थे। उन्होंने कहा कि इन छात्रों के सपनों और भविष्य पर हुई चोट का जवाब मिलना चाहिए।
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने घायल छात्र को पहले अपना इलाज कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पहले उसे पूरी तरह ठीक किया जाए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच कराई जाए। जब छात्र ने कहा कि अब वह रक्षा क्षेत्र में नहीं जा पाएगा, तो राहुल ने उसे निराश न होने को कहा। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं कोई रास्ता निकाला जा सकता है। राहुल ने छात्र से कहा कि वह घबराए नहीं और भरोसा रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वे उसकी पूरी मदद करने की कोशिश करेंगे ताकि उसका सपना किसी न किसी तरीके से पूरा किया जा सके।