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Bihar Politics: बिहार में कांग्रेस की CWC बैठक पर भाजपा का हमला, मालवीय बोले- तेजस्वी के 'सीएम सपने' का अंत

Wed, 24 Sep 2025 12:54 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिहार चुनाव से पहले पटना में हुई कांग्रेस की पहली सीडब्ल्यूसी बैठक पर सियासी घमासान मच गया है। भाजपा ने इसे चुनावी स्टंट बताते हुए कांग्रेस की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि यह बैठक महागठबंधन में मतभेद का संकेत है और तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सपने का अंत बताया है। 

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी, भाजपा नेता अमित मालवीय, भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल और भाजपा नेता बूरा नर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा के चुनाव होने है। इसके लिए राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी तैयारी तेज कर दी हैं। आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति भी अपने चरम पर है। ऐसे में बुधवार को पहली बार बिहार में हुई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को लेकर भी सियासत में गर्माहट तेज हो गई है। ऐसे में भाजपा ने इस बैठक पर तीखा हमला बोलते हुए इसे महज चुनावी स्टंट बताया है और कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं। भाजपा का कहना है कि यह बैठक कांग्रेस की एक सोची-समझी चाल है, जिससे वह महागठबंधन में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इसे तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सपने का अंत बताया और कहा कि कांग्रेस अब राजद पर निर्भर नहीं रहना चाहती।

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अमित मालवीय ने बताया महागठबंधन के लिए संदेश
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने बिहार में हो रही कांग्रेस की कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) बैठक को लेकर कहा कि यह बैठक महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) के लिए कई महत्वपूर्ण संदेश लेकर आई है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में वही नेता शामिल हुए हैं, जिन्होंने पहले भी बार-बार बिहार और यहां की जनता का अपमान किया है और आपत्तिजनक बयान दिए हैं। ऐसे नेताओं का एक मंच पर आना बिहारियों का फिर से अपमान है। उन्होंने दावा किया कि यह बैठक असल में तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सपने पर आखिरी कील है। महागठबंधन के भीतर यह सहमति बनती दिख रही है कि तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं बनाया जाएगा।

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कांग्रेस-राजद में बढ़ रही है दूरी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में मालवीय ने कहा कि राहुल गांधी का लगातार बिहार आना और कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता इस बात का संकेत है कि अब कांग्रेस राजद पर निर्भर नहीं रहना चाहती। वह खुद को एक मजबूत ताकत के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जैसा कांग्रेस ने दिल्ली चुनावों के बाद आम आदमी पार्टी (आप) से दूरी बना ली थी, वैसा ही बिहार में राजद के साथ भी होता दिख रहा है। ऐसा लग रहा है कि चुनाव से पहले ही कांग्रेस और राजद की राहें अलग हो सकती हैं, और चुनाव के बाद यह अलगाव तय है।

'बिहार में अपनी जमीन खो चुकी है कांग्रेस'
कांग्रेस के बैठक पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिहार में अपनी जमीन खो चुकी है। उनके पास ना नेता हैं, ना ही कार्यकर्ता। राहुल गांधी झूठे आरोप लगाकर बिहार में अपनी राजनीति जमाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता जान चुकी है कि असली विकास किसने किया है और अगली सरकार एनडीए की ही बनेगी।

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बूरा नरसैया गौड़ ने राहुल के आरोपों को बताया बहाना

भाजपा सांसद खंडेलवाल के बाद भाजपा नेता डॉ बूरा नरसैया गौड़ ने भी इस कांग्रेस के इस बैठक पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का 'वोट चोरी' वाला मुद्दा सिर्फ एक बहाना है। गौड़ ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने देश में नेपाल जैसा माहौल बनाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके साथियों ने बिहार के लोगों का अपमान किया है, प्रधानमंत्री मोदी की दिवंगत मां को गाली दी, बिहारी लोगों को 'बीड़ी बिहारी' कहा और उनके सहयोगी नेताओं ने भी अपमानजनक टिप्पणियां कीं। बिहार की जनता इस चुनाव में उन्हें सबक सिखाएगी और भाजपा दो-तिहाई बहुमत से सरकार बनाएगी।

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पटना में कांग्रेस की बैठक पर रविशंकर प्रसाद बोले- 85 साल बाद बिहार की याद आई?
इसके साथ ही कांग्रेस के इस बैठक को लेकर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 85 साल बाद बिहार और पटना की याद आई है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पटना स्थित सदाकत आश्रम कभी देश की आजादी के आंदोलन का अहम केंद्र था। डॉ राजेन्द्र प्रसाद, जो देश के पहले राष्ट्रपति बने, उन्हें कांग्रेस और खासकर पंडित नेहरू नहीं चाहते थे कि वे राष्ट्रपति बनें। यहां तक कि उन्हें दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए भी समर्थन नहीं मिला। उन्होंने आगे कहा कि जयप्रकाश नारायण को कांग्रेस सरकार ने जेल में डाल दिया था, लेकिन क्या तब कांग्रेस को बिहार की चिंता थी? जगजीवन राम को भी प्रधानमंत्री नहीं बनने दिया गया।

रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आज आपको बिहार की इतनी चिंता हो रही है, तो इसका असली कारण सिर्फ राजनीतिक फायदा है। पटना में हो रही कांग्रेस की यह बैठक सिर्फ उनके अपने स्वार्थ और आगामी चुनावों के लिए की जा रही है, ना कि बिहार के लोगों की भलाई के लिए।

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