फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bihar Politics: इंदिरा भवन के बाहर बिहार कांग्रेस के नेताओं का धरना, जानें क्या है अपनों से नाराजगी की वजह

Tue, 08 Sep 2026 04:50 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बिहार कांग्रेस के नाराज नेताओं का आरोप है कि संगठन विस्तार के नाम पर दूसरे दलों के नेताओं को पद देने का लालच देकर कांग्रेस में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच की मांग की है।  
विज्ञापन
बिहार कांग्रेस में संगठन को लेकर नेताओं के बीच नाराजगी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार कांग्रेस में संगठन को लेकर नेताओं की नाराजगी एक बार फिर खुलकर सामने आई। नाराज नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मामले में तुरंत दखल की मांग की है। बुधवार को पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, प्रदेश के पूर्व पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

विज्ञापन


अमर उजाला से चर्चा में कांग्रेस नेता आनंद माधव ने बताया, कुछ दिन पूर्व उनकी मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से हुई थी। बैठक में अशोक गहलोत और नासिर हुसैन भी मौजूद थे। इस दौरान बिहार कांग्रेस से जुड़ी शिकायतों और संगठन में कथित अनियमितताओं की जानकारी दी गई। उन्हें भरोसा दिया गया था कि बिहार चुनाव के बाद बैठक कर सभी मुद्दों पर चर्चा होगी। करीब 10 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक बैठक के लिए समय नहीं मिला। इस दौरान कई बार लिखित तौर पर भी शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस जवाब नहीं आया। इसके बाद इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय के सामने प्रदर्शन का फैसला लिया गया।

गोपालगंज जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष शौकत अली ने अमर उजाला से कहा, पार्टी नेतृत्व से हमारी चार प्रमुख मांगें हैं। इनमें राहुल गांधी से मुलाकात, नोटिस और निष्कासन पत्र वापस लेना, बिहार कांग्रेस प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष को हटाना शामिल है। इसके अलावा संगठन में पदों के बंटवारे और नए लोगों को शामिल करने की प्रक्रिया की जांच शामिल है। बिहार कांग्रेस में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसलिए हमने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना देने का फैसला किया। हमारा विरोध कांग्रेस पार्टी से नहीं, बल्कि बिहार में पार्टी का संचालन कर रहे मौजूदा नेतृत्व से है।
विज्ञापन


नाराज नेताओं का आरोप है कि संगठन विस्तार के नाम पर दूसरे दलों के नेताओं को पद देने का लालच देकर कांग्रेस में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने और पूरे मामले की जांच की मांग की है।  नेताओं ने कहा है कि संगठन में पद देते समय सामाजिक न्याय का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

सदाकत आश्रम को लेकर भी सवाल
प्रदर्शनकारी नेताओं ने पटना स्थित कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम को लेकर भी सवाल उठाए। नेता आनंद माधव ने आरोप लगाया कि बिहार में कांग्रेस संगठन लगातार कमजोर हुआ है। समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता सदाकत आश्रम को अपना मंदिर मानते हैं, लेकिन वहां दूसरे दलों के लोगों और कथित अराजक तत्वों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें