लोकसभा चुनाव 2024 से पहले विपक्षी दलों को एकजुट करने के मकसद से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता पहुंचे हैं। उनके साथ बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी ममता से मिले। बैठक में तीनों नेताओं के बीच विपक्षी एकता को मजबूत करने पर बात हुई।
क्या बोले नीतीश कुमार?
बिहार के मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद कहा, "अब पता नहीं, ये (भाजपा) इतिहास बदल देंगे या क्या कर देंगे? सभी को सतर्क होना है इसलिए हम सभी के साथ बातचीत कर रहे हैं। हमारे बीच बहुत अच्छी बात हुई है। आवश्यकता अनुसार हम भविष्य में अन्य पार्टियों को साथ में लाकर बातचीत करेंगे।
क्या बोलीं ममता बनर्जी?
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "मैंने नीतीश जी से यही अनुरोध किया है कि जयप्रकाश जी का आंदोलन बिहार से हुआ था तो हम भी बिहार में ऑल पार्टी मीटिंग करें। हमें एक संदेश देना है कि हम सभी एक साथ हैं। मैंने तो पहले ही कह दिया है कि मुझे इससे कोई एतराज नहीं है, मैं चाहती हूं कि भाजपा जीरो बन जाए।"
गैर-कांग्रेस गठबंधन बनाने के लिए बैठक?
तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, बैठक में 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी एकता पर बात हुई। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में ही ममता बनर्जी विपक्षी एकता को लेकर कई गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेसी नेताओं के साथ बैठकें कर चुकी हैं। उम्मीद है कि नीतीश कोलकाता में तीन से चार घंटे रुकेंगे, जिसमें बंगाल के अपने समकक्ष के साथ डेढ़ या दो घंटे की बैठक शामिल है।
नीतीश कुमार पहले मंगलवार सुबह कोलकाता आने वाले थे और उसी शाम दक्षिणी कोलकाता में ममता के कालीघाट स्थित आवास पर उनसे मुलाकात करने वाले थे। हालांकि, अब कार्यक्रम में बदलाव हो गया और नीतीश सोमवार को ही आ रहे हैं।
अखिलेश से भी मुलाकात करेंगे बिहार सीएम
जानकारी यह भी मिली है कि ममता से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार सीधे लखनऊ जाकर अखिलेश यादव से मिलेंगे। इससे पहले पिछले महीने ही समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कोलकाता के कालीघाट में ममता से मुलाकात की थी। बैठक में, दोनों नेताओं ने कांग्रेस से दूरी बनाए रखने और 2024 के चुनावों में भाजपा के खिलाफ क्षेत्रीय ताकतों की एकता पर फोकस करने पर सहमति व्यक्त की थीं।
ममता भी विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश में
अखिलेश से मिलने के ठीक बाद, ममता ओडिशा दौरे पर गईं और वहां मुख्यमंत्री व बीजू जनता दल के प्रमुख नवीन पटनायक के साथ बैठक कीं। इसके बाद कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री व जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी ने कोलकाता आकर ममता से मुलाकात की थीं। इसके बाद पिछले हफ्ते ममता ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से फोन पर बातचीत की थी।
नीतीश तो कांग्रेस नेताओं के साथ भी बैठक कर चुके
बिहार सीएम के ममता बनर्जी और अखिलेश यादव से मिलने की स्पष्ट वजह तो सामने नहीं आई है, हालांकि अब तक इसे कांग्रेस के बगैर ही विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, एक पेंच यह भी है कि नीतीश कुमार हाल ही में बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के साथ दिल्ली जाकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी से बंद दरवाजे के पीछे बैठक कर चुके हैं। ऐसे में अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए क्या नीति बनती है, नीतीश कुमार की आज की बैठक से काफी कुछ साफ होने का अनुमान है।