बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। तारीखों का एलान कभी भी हो सकता है। चुनाव तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज औरंगाबाद जिले की रफीगंज विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से मौजूदा समय में राजद के मोहम्मद नेहालुदीन विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलें में से एक जिला औरंगाबाद भी है।औरंगाबाद जिला दो अनुमंडल और 11 ब्लॉक में बंटा है। जिले में छह विधानसभा सीट हैं। इनमें गोह, ओबरा, नबीनगर, कुटुम्बा (एससी), औरंगाबाद, रफीगंज शामिल हैं। आज सीट का समीकरण में रफीगंज सीट की बात करेंगे। यह सीट पहली बार 1952 में अस्तित्व में आई।
1952: कांग्रेस को मिली जीत
1962: स्वतंत्र पार्टी को मिली जीत
1962 के चुनाव में तात्कालीन विधायक सरजू प्रसाद सिन्हा को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में राम पुकार सिंह को 6,004 वोट से जीत मिली। वहीं सरजू प्रसाद सिन्हा दूसरे नंबर पर है। राम पुकार सिंह को 15,461 वोट मिले। वहीं, सरजू प्रसाद सिन्हा को कुल 9,457 वोट मिले।
1967: कांग्रेस की वापसी
1967 के चुनाव में रफीगंज से कांग्रेस के दिलकेश्वर राम को जीत मिली। उन्होंने आर राम को 11,489 वोट से हराया। दिलकेश्वर राम को कुल 17,883 वोट मिले। वहीं आर राम को 6,399 वोट मिले।
1969: जनसंघ को मिली जीत
1969 के चुनाव में जनसंघ के साहदेव चौधरी को जीत मिली। उन्होंने तात्कालीन विधायक और कांग्रेस के उम्मीदवार डी राम को 1,218 वोट से शिकस्त दिया। साहदेव को कुल 10,933 वोट मिले। वहीं, डी राम को 9,715 वोट मिले।
1972: कांग्रेस ने फिर की वापसी
1972 के चुनाव में तात्कालीन विधायक और जनसंघ के उम्मीदवार साहदेव चौधरी को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस के फागुनी राम को 10,087 वोट से जीत मिली। फागुनी राम को कुल 18,384 वोट मिले। वहीं, साहदेव को 8,297 वोट मिले।
1977: जनता पार्टी को मिली जीत
1995: भाकपा को मिली जीत
1995 के चुनाव में तीन बार के विधायक रहे और कांग्रेस के उम्मीदवार विजय सिंह को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाकपा के रामचंद्र सिंह को 24,534 वोट से जीत मिली। वहीं विजय कुमार दूसरे नंबर पर रहे। रामचंद्र सिंह को 40,342 वोट मिले। वहीं , विजय सिंह को 15,808 वोट मिले।
2000: समता पार्टी को मिली जीत
2000 के चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी समता पार्टी के सुशील कुमार सिंह को जीत मिली। उन्होंने राजद के मोहम्मद नेहालुदीन को 10,194 वोट से हराया। इस चुनाव में सुशील कुमार को कुल 32,918 वोट मिले। वहीं, नेहालुदीन को 22,724 वोट मिले।
फरवरी 2005 : राजद को मिली जीत
पिछले चुनाव में हार का सामना कर चुके नेहालुदीन को फरवरी 2005 के चुनाव में जीत मिली। उन्होंने जदयू के बृजमोहन सिंह को 24,495 वोट मात दी। नेहालुदीन को कुल 40,277 वोट मिले। वहीं, बृजमोहन सिंह को 15,782 वोट से संतोष करना पड़ा।
अक्तूबर 2005 में हुए चुनाव में भी नेहालुदीन रफीगंज से दोबार विधायक चुने गए। इस चुनाव में उन्होंने जदयू के सुशील कुमार को 3,810 वोट से शिकस्त दिया। नेहालुदीन को कुल 29,194 वोट मिले। वहीं, सुशील कुमार को 25,384 वोट मिले।
2010: जदयू को मिली जीत
2020: राजद की वापसी
2020 के चुनाव में राजद ने रफीगंज सीट पर वापसी की। इस चुनाव में राजद के नेहालुदीन ने प्रमोद कुमार 9,429 वोट से हराया। प्रमोद कुमार यह चुनाव निर्दलीय लड़ा था। नेहालुदीन को कुल 63,325 वोट मिले। वहीं, प्रमोद कुमार को 53,896 वोट मिले।
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