बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात औरंगाबाद सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में कांग्रेस के आंनद शंकर विधायक हैं।
बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज औरंगाबाद जिले की औरंगाबाद विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से मौजूदा समय में कांग्रेस के आंनद शंकर विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलें में से एक जिला औरंगाबाद भी है। औरंगाबाद जिला दो अनुमंडल और 11 ब्लॉक में बंटा है। जिले में छह विधानसभा सीट हैं। इनमें गोह, ओबरा, नबीनगर, कुटुम्बा (एससी), औरंगाबाद, रफीगंज शामिल हैं। आज सीट का समीकरण में औरंगाबाद सीट की बात करेंगे। यह सीट पहली बार 1952 में अस्तित्व में आई।
1952: कांग्रेस को मिली जीत
1962: स्वतंत्र पार्टी को मिली जीत
दो बार के विधायक रहे प्रियब्रत नारायण सिन्हा को 1962 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में स्वतंत्र पार्टी के ब्रजमोहन सिंह को 2,892 वोट से जीत मिली। वहीं, कांग्रेस के प्रियब्रत दूसरे नंबर पर रहे। ब्रजमोहन सिंह को कुल 10,421 और प्रियब्रत को 7,529 वोट मिले।
1967: प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को मिली जीत
1972: कांग्रेस को मिली जीत
1972 के चुनाव में ब्रजमोहन सिंह ने जीत दर्ज की। इस चुनाव में उन्होंने संसोपा के अरजू सिंह को 4,075 वोट से हराया। ब्रज मोहन को कुल 14,959 वोट मिले। वहीं, अरजू सिंह को 10,884 वोट मिले।
1977 : कांग्रेस को मिली जीत
1985 : ब्रजमोहन सिंह को मिली जीत
1995 : भाजपा को मिली पहली जीत
1995 के चुनाव में औरंगाबाद सीट से भाजपा के रामधर सिंह को 3,853 वोट से जीत हासिल की। वहीं, भाकपा के त्रिभुवन सिंह दूसरे नंबर पर रहे। रामधर सिंह को 25,640 वोट मिले। वहीं, त्रिभुवन सिंह को 21,787 वोट मिले।
2000: राजद का खाता खुला
2000 के चुनाव में औरंगाबाद सीट से राजद को पहली जीत मिली। राजद के सुरेश मेहता ने तात्कालीन विधायक रामधर सिंह को 8,573 वोट से हराया। सुरेश मेहता को कुल 41,176 वोट मिले। वहीं, रामधर सिंह ने 32,603 वोट मिले।
फरवरी 2005: रामधर सिंह की वापसी
2015: कांग्रेस की वापसी
2015 के चुनाव में कांग्रेस के आंनद शंकर सिंह को जीत मिली। उन्होंने लगातार तीन बार से जीत रहे रामधर सिंह को 18,398 वोट से हराया। आंनद शंकर सिंह को कुल 63,637 वोट मिले। वहीं रामधर सिंह को 45,236 वोट मिले।
2020 के चुनाव में कांग्रेस के आंनद शंकर सिंह औरंगाबाद के दूसरी बार विधायक बने। इस चुनाव में भी उन्होंने भाजपा के रामधर सिंह को 2,243 वोट से हराया। आंनद सिंह को कुल 70,018 वोट मिले। वहीं, रामधर सिंह को कुल 67,775 वोट मिले।
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