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Seat Ka Samikaran: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम ने कटिहार को बनाया भाजपा का गढ़, ऐसा है इसका चुनावी इतिहास

Fri, 11 Jul 2025 12:07 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला

सार

कटिहार विधानसभा सीट पर पिछले चार चुनाव से भाजपा को जीत मिल रही है। मौजूदा समय से यहां से पूर्व उप मुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद विधायक हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज इसी कटिहार सीट की कहानी… 

 

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बिहार चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में साल के अंत तक चुनाव होने हैं। बिहार चुनाव से जुड़ी हमारी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ सीरीज की 16वीं कड़ी में आज हम आपको कटिहार विधानसभा सीट के बारे में बताएंगे। कटिहार सीट से पिछले 20 साल से भाजपा का कब्जा है। इस सीट से मौजूदा विधायक तार किशोर प्रसाद हैं। प्रसाद 2020 में जीत के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री बने थे। 2022 में नीतीश कुमार के पाला बदलने तक प्रसाद इस पद पर रहे। 

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पहले जानें कटिहार सीट के बारे में 

बिहार के 38 जिलों में से एक जिला कटिहार भी है। यह जिला 3 अनुमंडल और 16 ब्लॉक में विभाजित है। इस जिले में कुल सात विधानसभा सीटें हैं। इनमें कटिहार, कदवा, बलरामपुर, प्राणपुर, मनिहारी (एसटी), बैरी, कोढ़ा (एससी) शामिल हैं। आज बात कटिहार विधानसभा सीट के बारे में करते हैं। आजादी के बाद इस सीट पर पहली बार 1957 में चुनाव हुआ था।

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1957: दो विधायक पहुंचे विधानसभा

1957 के चुनाव में कटिहार विधानसभा सीट से दो विधायक चुने गए। एक अनुसूचित जाति (एससी) से और दूसरे समान्य वर्ग से। जीतने वाले दोनों विधायक कांग्रेस के थे। जो दो चेहरे विधानसभा पहुंचे उनमें बाबूलाल मांझी और सुखदेव नारायण सिन्हा शामिल थे। 
1962 के विधानसभा चुनाव में यह सीट सामान्य हो गई। इस चुनाव में कटिहार सीट से एक बार फिर कांग्रेस के सुखदेव सिन्हा को जीत मिली। उन्होंने जनसंघ के जगबंधु अधिकारी को 6,996 वोट से हराया।
 

1967 से 1977 तक चार चुनाव, चार अलग पार्टियों को मिली जीत 

दो बार के विधायक सुखदेव सिन्हा को 1967 के चुनाव में हार सामना करना पड़ा। भारतीय जनसंघ के जगबंधु अधिकारी ने प्रजा सोसलिस्ट पार्टी के एम.जे. हक को 7,720 वोट से हराया। वहीं, सुखदेव तीसरे नंबर पर रहे।  
1969 विधानसभा चुनाव में लोकतांत्रिक कांग्रेस के सत्य नारायण बिस्वास को जीत मिली। वहीं दूसरी नंबर पर कांग्रेस की पार्वती देवी रहीं। 1972 के चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता राजकिशोर प्रसाद सिंह ने 5,188 वोट से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 18,315 वोट मिले थे। इस चुनाव में पूर्व विधायक सत्य नारायण बिस्वास निर्दलीय चुनाव लड़े थे। वह 13,127 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहे थे। 1977 के चुनाव मेंं जनता पार्टी के जगबंधु अधिकारी कटिहार के विधायक बने। उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी के नेता राज किशोर को 20,904 वोट से हराया। 


 

1980: चार चुनाव के बाद कांग्रेस की वापसी 

1980 में कटिहार सीट से कांग्रेस को जीत मिली। इसके बाद 1985 में भी कटिहार सीट कांग्रेस के खाते में गई। 1980 में यहां से कांग्रेस के सीताराम चमरिया को 1644 वोट से जीत मिली। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जगबंधु अधिकारी को हराया। सीताराम को 20,282  और जगबंधु को 18,838 वोट मिले थे। 1985 के चुनाव में कांग्रेस के सत्य नारायण प्रसाद को 15,370  वोट से जीत मिली। वहीं जगबंधु अधिकारी दूसरे नंबर पर रहे। 

1990: जनता दल के रामप्रकाश महतो बने विधायक

1990 में जनता दल के रामप्रकाश महतो को 62,968 वोट से जीत मिली। उन्हें कुल 78,275 वोट मिले थे। वहीं दूसरे नंबर पर भाजपा के जगदीश प्रसाद मंडल रहे। उनको मात्र 15,312 वोट मिल थे।  

1995 : भाजपा को पहली जीत मिली

1980 और 1985 के विधानसभा चुनाव में जगबंधु को लगातार दो बार हार का सामना करना पड़ा था। 1995 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने जीत हासिल की। जगबंधु ने जनता दल के राम प्रकाश महतो को 9,786 वोट से हराया। इस चुनाव में जगबंधु को 45,473 वोट मिले थे। वहीं रामप्रकाश को 35,687 वोट मिले। कटिहार सीट पर यह भाजपा की पहली जीत थी। 

2000 : राष्ट्रीय जनता दल के राम प्रकाश महतो विधायक बने

2000 के विधानसभा चुनाव में जगबंधु अधिकारी को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के राम प्रकाश महतो ने जीत हासिल की। उन्हें कुल 69,030 वोट मिले। वहीं, जगबंधु को 40,659 वोट मिले थे। 

 

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2005 में बिहार में फरवरी और अक्तूबर में विधानसभा का चुनाव हुए थे। फरवरी के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से राम प्रकाश महतो विधायक बने।  

2005:तारकिशोर प्रसाद को मिली सीट

अक्तूबर 2005 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के तार किशोर प्रसाद को पहली जीत मिली। तार किशोर ने बेहद करीबी मुकाबले से जीत हासिल की। उन्होंने राजद के राम प्रकाश महतो को मात्र 116 वोट से हराया। इसके बाद से तार किशोर ने 2010, 2015 और 2020 के चुनावों में जीत हासिल की है।
2010 के चुनाव में उनकी जीत का अंतर बढ़कर कर 20,607 वोट का हो गए।  उन्होंने राजद के राम प्रकाश महतो को हराया था। वहीं 2015 में जदयू के नेता बिजय सिंह को 14,894 और 2020 में राजद के नेता राम प्रकाश को 10,519 वोट से शिकस्त दी।
2020 में तार किशोर प्रसाद कटिहार सीट से चौथी बार विधायक बने। जीत के बाद एनडीए की राज्य में सरकार बनी। इस सरकार में उन्होंने बिहार के 5वें उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वह 16 नवबंर 2020 से 9 अगस्त 2022 तक बिहार के उपमुख्यमंत्री के पद पर रहे।  

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