महिला और बाल विकास मंत्रालय की पहल और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की सामाजिक जिम्मेदारी योजना को अच्छी सफलता मिली है। सरकार ग्रामीण महिलाओं में माहवारी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए एक रुपये में एक सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध करा रही है। इसमें 10 जून, 2020 तक 3.45 करोड़ से अधिक सैनिटरी नैपकिन की बिक्री हो चुकी है। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के बाद भी मार्च से मई तक 1.42 करोड़ सैनिटरी नैपकिन खरीदे गए।
इस योजना को दो साल पहले शुरू किया गया था। सामाजिक अभियान के तहत जन औषधि स्टोर पर बिक्री शुरू की गई थी। ग्रामीण महिलाओं को सस्ती कीमत पर सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराया गया, जबकि इसकी कीमत बाजार में 3 से 8 रुपये प्रति नैपकिन तक है। नैपकिन देश भर के 3,600 जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध हैं। अधिकारी के मुताबिक इस नैपकिन की बिक्री की वजह इसकी आसान उपलब्धता और बायोडिग्रेबल होना है।