मथुरा में प्राइमरी स्कूलों में हेल्थ चेकअप के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। स्कूलों में कैंप लगाने और दवाओं का वितरण करने जाने वाले डाक्टरों ने चार पहिया वाहनों का किराया मांगा है जबकि सभी लोग मोटरसाइकिलों से जा रहे हैं।
खुलासा होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डायरेक्टर ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया है। इससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की सेहत का परीक्षण करने को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत हर ब्लाक पर चिकित्सकों की दो-दो टीमें बनाई गईं हैं।
इस टीम के शामिल डाक्टर स्कूलों में जाकर बच्चों को दवाओं का वितरण भी करते हैं। डाक्टरों ने जो रिपोर्ट दी थी उसमें कहा था कि वह चार पहिया वाहनों से स्कूलों तक जाते हैं। शक होने पर बाल स्वास्थ्य मिशन ने जांच शुरू करा दी। डाक्टर जिन वाहनों से स्कूलों में जा रहे थे उनके नंबर भी मांग लिए गए। पता चला कि वह नंबर मोटरसाइकिल और टाटा मैजिक के थे। आटो के भी नंबर निकले।
खुलासा होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने जिला स्वास्थ्य समिति के अध्यक्ष व डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि मथुरा में जिन वाहनों का भुगतान किया जा रहा है उनमें फरह ब्लॉक में एक नंबर मोटर साइकिल का पाया गया है। छाता में टाटा मैजिक का। कई दूसरे ब्लाक से भी ऐसी ही रिपोर्ट आई है। कई गंभीर वित्तीय अनियमितताएं भी सामने आईं हैं।