प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार जल्द होने की संभावना हैं। सरकार ने राष्ट्रपति भवन से प्रणब मुखर्जी की उपलब्धता का कार्यक्रम पूछा है। मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सरकार की ओर से राष्ट्रपति भवन को 19 से 21 जून की तिथि सुझाई गई है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने भी मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सुझाई गई तिथि की पुष्टि की है।
बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के 23-24 जून को देश से बाहर होने के कारण 19 से 21 जून की तिथि सरकार की ओर से सुझाई गई है। उस दौरान पीएम मोदी ताशकंद में हो रही बैठक में शामिल होंगे तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी 18 जून को दोपहर तक स्वदेश वापसी करेंगे। वैसे राष्ट्रपति भवन ने सरकार की तिथि को अभी मंजूरी नहीं दी है।
उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार की सुझाई तिथि के तहत 20 या 21 जून को मंत्रिमंडल विस्तार की सहमति राष्ट्रपति भवन से मिल जाएगी। अधिक संभावना 20 जून के दोपहर बाद और 21 जून के सुबह की है।
मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में भाजपा सूत्रों का कहना है कि चुनावी राज्यों का ख्याल रखने के साथ वंचित राज्यों का कोटा पूरा किया जाएगा। सरकार में यूपी, उत्तराखंड, पंजाब का कद और बढ़ेगा। वहीं, असम से सर्वानंद सोनोवाल के रिक्त स्थान को भी भरा जाएगा। मंत्रियों के विभागों में बड़े स्तर पर बदलाव के संकेत हैं। खासतौर से राज्य मंत्रियों के कामकाज में बड़ा बदलाव होगा।
दरअसल, 20-21 जून को मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना को इसलिए भी बल मिल रहा है कि 25 जुलाई से मानसून सत्र के आसार हैं। तब तक एक महीने में मंत्रियों को अपने विभाग की पूरी जानकारी हो जाएगी। ताकि वे संसद में सवालों का जवाब दे सकें। असम में मिली जीत के बाद भाजपा नए उत्साह में है।
कैबिनेट में बदलाव कर पीएम मोदी भी सरकार में नई ऊर्जा का संचार करेंगे। पीएम मोदी के अधिकांश मंत्री अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं। यही वजह है कि पीएम मंत्रिमंडल में फेरबदल कर इस छवि को तोड़ने का दांव चलेंगे।