एक संसदीय समिति को जानकारी देते हुए उच्च सरकारी अधिकारियों ने कहा कि दोकलम मुद्दे पर भूटान पूरी तरह से भारत के साथ है। उन्होंने कहा कि पिछले साल अगस्त में क्षेत्र में तनातनी खत्म होने के बाद चीन की कोई सेना तैनात नहीं है।
संसदीय समिति को भारतीय उच्चाधिकारियों ने दी जानकारी
विदेश मामलों की इस स्थायी संसदीय समिति को यह जानकारी विदेश सचिव विजय गोखले और रक्षा सचिव संजय मित्रा ने दी। यह समिति दोकलम में भारत-चीन की सैन्य तनातनी के विभिन्न पक्षों को देख रही है। सेना प्रमुख विपिन रावत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और गोखले के हालिया भूटान की हालिया यात्रा के बारे में जवाब देते हुए उच्चाधिकारियों ने पैनल से कहा कि दोकलम मुद्दे पर भूटान पूरी तरह से भारत के साथ है।
किसी अन्य इलाके में जमीन के बदले दोकलम क्षेत्र में भूटान द्वारा चीन को जमीन स्थानांतरित किए जाने की संभावनाओं के संबंध में भी सवाल पूछा गया। पैनल के सदस्य कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूछा कि दोकलम में चीन का उद्देश्य क्या है और चीन ने विवाद के लिए उसी क्षेत्र को क्यों चुना?
दोकलम के पास बड़ी मात्रा में चीनी निर्माण की रिपोर्ट पर पूछे गए राहुल के सवाल पर अधिकारियों ने कहा कि भारतीय क्षेत्र में कुछ भी नहीं हुआ है।
वहीं सदस्यों ने वन बेल्ट, वन रोड योजना और भारत में चीनी निवेश के बारे में भी सवाल पूछा। गोखले ने कहा कि यह परियोजना भारत के हित में नहीं है।