राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यूनियन कार्बाइड कारखाने के परिसर में मौजूद जहरीले अपशिष्ट पदार्थों के कुप्रबंधन से भूजल प्रदूषण के खतरों को उजागर करने वाली एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया था।
भोपाल गैस त्रासदी के भले ही चार दशक बीत गए, लेकिन उसके दुष्परिणामों से लोगों को अब तक निजात नहीं मिली है। केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) की नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यूनियन कार्बाइड कीटनाशक संयंत्र के पास के कुछ स्थानों के भूमिगत जल में भारी धातुओं की उच्च सांद्रता अब भी बरकरार है।
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एनजीटी ने लिया था संज्ञान
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने यूनियन कार्बाइड कारखाने के परिसर में मौजूद जहरीले अपशिष्ट पदार्थों के कुप्रबंधन से भूजल प्रदूषण के खतरों को उजागर करने वाली एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद सीजीडब्ल्यूए ने यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) के पास संभावित भूजल प्रदूषण की जांच के लिए एक नई जांच शुरू की।
अध्ययन के तहत सीजीडब्ल्यूए के अधिकारियों ने यूसीआईएल के पांच किलोमीटर के दायरे के भीतर विभिन्न दिशाओं से 72 भूजल नमूने एकत्र किए। एनजीटी को बृहस्पतिवार को सौंपी गई रिपोर्ट से पता चला कि 36 में से सात स्थानों पर नाइट्रेट सांद्रता बीआईएस की ओर से निर्धारित वांछनीय सीमा से अधिक थी।