वरवरा राव ने चिकित्सा के आधार पर स्थायी जमानत संबंधी उनकी अपील को बंबई उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए यह याचिका दाखिल की है।
सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव मामले में 83 वर्षीय आरोपी पी. वरवर राव की चिकित्सा आधार पर नियमित जमानत दिए जाने की मांग वाली याचिका पर मंगलवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति यू.यू. ललित के नेतृत्व वाली एक पीठ ने कहा कि मामले पर 10 अगस्त को सुनवाई की जाएगी। बता दें कि शीर्ष अदालत ने 12 जुलाई को, राव को दी गई अंतरिम सुरक्षा अगले आदेश तक बढ़ा दी थी।
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राव ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को दी है चुनौती
राव ने चिकित्सा के आधार पर स्थायी जमानत संबंधी उनकी अपील को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए यह याचिका दाखिल की है। राव (83) चिकित्सा आधार पर जमानत पर हैं और उन्हें 12 जुलाई को आत्मसमर्पण करना था।
साल 2017 का मामला
गौरतलब है कि यह मामला 31 दिसंबर 2017 में पुणे में आयोजित एल्गार परिषद के कार्यक्रम में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने से जुड़ा है। पुणे पुलिस का दावा है कि इस भाषण की वजह से अगले दिन कोरेगांव-भीमा में हिंसा फैली और इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले लोगों के माओवादियों से संबंध हैं। मामले की जांच बाद में एनआईए को सौंप दी गई थी