महाराष्ट्र सरकार प्राचीन भारत के प्रसिद्ध गणितज्ञ व खगोलशास्त्री भास्कराचार्य के जन्मस्थान पर भास्कराचार्य गणित नगरी का निर्माण कर रही है। सूबे के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को कहा कि इस मद में सरकार ने 84 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे जहां नई पीढ़ी को भास्कराचार्य के बारे में जानकारी मिलेगी वहीं, जलगांव का चालीसगांव इलाका पर्यटन के रूप में भी विकसित होगा।
महाराष्ट्र के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने साल 2016-2017 के आम बजट में ही जलगांव के चालीसगाव स्थित पाटन में गणित नगरी बनाने की घोषणा की थी। लेकिन, इस पर अब अमल शुरू हुआ है। मुनगंटीवार ने बताया कि गणित नगरी के लिए पहली किस्त के रूप में 82 लाख रुपये मुहैया कराया गया है।
यहां तांबे की भास्कराचार्य की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी। गणित के छात्रों के लिए यहां कार्यशाला बनेगी और ग्रंथालय का भी निर्माण कराया जाएगा।
कौन हैं भास्कराचार्य
भास्कराचार्य प्राचीन भारत के गणितज्ञ और ज्योतिषी थे। उन्होंने सिद्धांत शिरोमणि की रचना की जिसमें लीलावती, बीजगणित, ग्रहगणित तथा गोलाध्याय नामक चार भाग है। ये चार भाग क्रमश: अंकगणित, बीजगणित ग्रहों की गति से संबंधित गणित तथा गोले से संबंधित हैं।
आधुनिक युग में धरती की गुरुत्वाकर्षण शक्ति की खोज का श्रेय न्यूटन को दिया जाता है। किंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि गुरुत्वाकर्षण का रहस्य न्यूटन से भी कई सदियों पहले भास्कराचार्य ने उजागर कर दिया
था।