एकनाथ खडसे के भाजपा में वापस आने वाले बयान के बाद से महाराष्ट्र की राजनीतिक तेज हो गई है। इस बीच, चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के अनुभवी नेता एकनाथ खडसे का कभी विरोध नहीं किया है।
भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सूबे के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के अनुभवी नेता एकनाथ खडसे का कभी विरोध नहीं किया है। गौरतलब है कि करीब तीन साल खडसे ने पहले भाजपा की राज्य इकाई के नेतृत्व के साथ मतभेदों के बाद पार्टी के साथ 40 साल पुराना अपना रिश्ता खत्म कर दिया था और अविभाजित एनसीपी में शामिल हो गए थे।
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एकनाथ खडसे हो सकते हैं भाजपा में फिर से शामिल
शनिवार को एकनाथ खडसे ने कहा कि वह अगले सप्ताह भाजपा में शामिल होंगे। उनके इस बयान के बाद से सूबे की राजनीति तेज हो गई है। फडणवीस सरकार में मंत्री रहे खडसे नेएक भूमि सौदे के मामले को लेकर 2016 में मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद लंबे अरसे तक वे शरद पवार के नेतृत्व वाली अविभाजित एनसीपी के सदस्य रहे। उस दौरान खडसे ने फडणवीस और उनके विश्वासपात्र गिरीश महाजन को उनके राजनीतिक करियर को नुकसान पहुंचाने का जिम्मेदार बताया था।
फडणवीस-खडसे के बीच कभी मतभेद था ही नहीं- बावनकुले
पत्रकारों से बातचीत करते हुए रविवार को चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि हमारी पार्टी की एक केंद्रीय और राज्य समिति है जो पार्टी में शामिल होने वाले नए लोगों के मामलों को देखती है। दोनों समितियां एकनाथ खडसे के भाजपा में शामिल होने पर निर्णय लेंगी। उन्होंने कहा कि एकनाथ खडसे का कभी विरोध नहीं किया, बल्कि उनके मन में खडसे के प्रति बहुत सम्मान था। हमारी पार्टी द्वारा गठित समितियां अंतिम निर्णय लेंगी।
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भाजपा ने कभी किसी को मना नहीं किया- बावनकुले
बावनकुले ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा के ‘घर चलो’ अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी किसी को पार्टी में शामिल होने से मना नहीं किया। भाजपा नेता ने कहा कि अशोक चव्हाण, अर्चना पाटिल समेत कई नेता हमारी पार्टी में शामिल हुए। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने इस साल फरवरी में कांग्रेस छोड़ दी थी और वह भाजपा में शामिल हो गए थे। बाद में भाजपा ने उन्हें महाराष्ट्र से राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया और वह संसद के उच्च सदन के लिए निर्विरोध चुने गए।