कुछ दिनों से हम भारत जोड़ो यात्रा में कन्याकुमारी से कश्मीर जा रहे हैं। ये सफर 3500 किमी. का है। इसकी शुरुआत कन्याकुमारी से की। उसके बाद केरल और अभी हम कर्नाटक में हैं। शुरुआत में हमने सोचा था कि 3500 किमी. पैदल चलना आसान नहीं है। मगर जब हमने चलना शुरू किया, कुछ दिन बाद चलना काफी आसान लगने लगा। ऐसा लग रहा था, जैसे कोई शक्ति पीछे से यात्रा को आगे की ओर धकेल रही है।
उन्होंने कहा कि 3500 किलोमीटर की मुश्किल दिखने वाली यात्रा को किसी ने आसान बनाया है, तो वो है- जनता का प्यार, समर्थन और भागीदारी। जब भी यात्रा में थकान होती है, तब कोई ना कोई दौड़ता हुआ आता है और मदद करके चला जाता है। कभी छोटा सा बच्चा कुछ कह देगा, कभी कोई विकलांग व्यक्ति आकर कुछ कह देगा, कभी कोई बुजुर्ग आकर कुछ कह देगा। उन शब्दों से मदद मिल जाती है।
कर्नाटक के बल्लारी में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज भारत में 45 साल में अब तक की सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। पीएम ने कहा था कि वह हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे। तो वो नौकरियां कहां है?
बेल्लारी में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक में 2.5 लाख सरकारी पद खाली क्यों हैं? अगर आप पुलिस सब-इंस्पेक्टर बनना चाहते हैं तो आप 80 लाख रुपये देकर ऐसा कर सकते हैं। अगर आपके पास पैसा है, तो आप कर्नाटक में सरकारी नौकरी खरीद सकते हैं। अगर आपके पास पैसा नहीं है तो आप जीवन भर बेरोजगार रह सकते हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की भाजपा सरकार अनुसूचित जाति (एससी) और जनजाति (एसटी) विरोधी है। इसे 40 प्रतिशत कमीशन वाली सरकार कहा जाता है। इसका भुगतान करके कोई भी काम किया जा सकता है। यहां उत्पीड़ित लोगों के खिलाफ अत्याचार में 50 फीसदी की वृद्धि हुई है।
यात्रा का पहला पड़ाव 1000 किलोमीटर
भारत जोड़ो यात्रा का आरंभ सात सितंबर 2022 को भारतीय उपमहाद्वीप के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी से हुआ था। इस ऐतिहासिक यात्रा ने शनिवार को 1000 किलोमीटर की यात्रा तय कर ली। भारत जोड़ो यात्रा ने अपनी 1000 किलोमीटर की यात्रा बेल्लारी जिले के नजदीक पूरी की। यहां लाखों कांग्रेस समर्थकों के साथ एक विशाल सम्मेलन हुआ।
आरएसएस-भाजपा को आड़े हाथ लिया
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश फासीवादी ताकतों से चुनौतियों का सामना कर रहा है। मैं सांप्रदायिक ताकतों की निंदा करता हूं। लोग बेरोजगारी और मूल्यवृद्धि से परेशान हैं। वहीं, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भाजपा और आरएसएस पर सांप्रदायिक राजनीति में शामिल होकर देश में शांति भंग करने का आरोप लगाया।