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किशोरों का टीकाकरण: भारत बायोटेक ने स्वास्थ्य कर्मियों से किया अनुरोध, सिर्फ कोवाक्सिन टीका ही दिया जाए

Sat, 08 Jan 2022 04:57 AM IST
देव कश्यप एएनआई, हैदराबाद
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किशोरी को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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देश में किशोरों का टीकाकरण तीन जनवरी से शुरू हो चुका है। 15-18 साल के लोगों का तेजी से टीकाकरण किया जा रहा है। इस बीच कई जगहों से खबरें आई कि उन्हें कोवाक्सिन की जगह अन्य टीके दिए जा रहे हैं। कोवाक्सिन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक ने भी इसे लेकर प्रतिक्रिया जाहिर की है। 

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भारत बायोटेक ने कहा कि 'हमें 15-18 वर्ष के आयु वर्ग के किशोरों को अन्य कोविड-19 टीके दिए जाने की कई रिपोर्टें मिली हैं। हम स्वास्थ्य कर्मियों से सतर्क रहने और यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करते हैं कि उन्हें केवल कोवाक्सिन ही दिया जाए।
 


इससे पहले भारत बायोटेक ने बुधवार (05 जनवरी) को एक एडवायजरी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि उसका टीका लगवाने के बाद न तो पैरासिटामॉल और न ही कोई दर्द निवारक दवा लेने की जरूरत है। 

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भारत बायोटेक ने ट्विटर पर कहा, “हमें फीडबैक मिला है कि कुछ टीकाकरण केंद्र बच्चों को कोवाक्सिन की खुराक लगाने के बाद पैरासिटामॉल की 500 एमजी की डोज लेने को कह रहे हैं। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि कोवाक्सीन टीका लगवाने के बाद न पैरासिटामॉल और न ही किसी दर्द निवारक दवा ली जानी चाहिए।"

टीका निर्माता कंपनी ने कहा कि 30 हजार से ज्यादा लोगों पर किए गए क्लिनिकल परीक्षण के दौरान करीब 10-20 फीसदी लोगों ने दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी थी। लेकिन वैक्सीन के दुष्प्रभाव काफी हल्के थे। यह एक-दो दिन में बिना दवाई लिए ठीक हो गए थे और किसी दवाई की जरूरत नहीं पड़ी थी। कंपनी ने कहा कि दवाई डॉक्टर के परामर्श के बाद ही लेने की सलाह दी जानी चाहिए।

कंपनी के मुताबिक, पैरासिटामॉल को कोरोना की बाकी वैक्सीन के साथ लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन कोवाक्सिन में इसे लेने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि पिछले महीने ही भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने कुछ शर्तों के साथ 12 साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए कोवाक्सिन के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी थी। देश में तीन जनवरी से 15-18 वर्ष के किशोरों के लिए टीकाकरण शुरू किया गया है जिसके तहत उन्हें सिर्फ कोवाक्सिन का ही टीका लगाया जा रहा है।

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