राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर कार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने कहा है कि गुरुकुल शिक्षा पद्धति को देश में फिर से शुरू किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि संस्कृत को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए, चाहे किसी को अच्छा लगे या बुरा।
डीएमके नेता दयानिधि मारन के संस्कृत पर किए गए खर्च पर सवाल उठाने पर लोकसभा में सोमवार को हंगामा हो गया। मारन ने संस्कृत की उपयोगिता पर भी सवाल उठाया था। इस पर भाजपा सांसदों ने कहा, मारन को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए। वहीं आसन पर मौजूद भाजपा सांसद रमा देवी ने मारन के बयान को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया।
बजट पर बहस के दौरान मारन ने कहा, संस्कृत को लेकर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन सरकार ने तमिल के लिए क्या किया। इस दौरान मारन ने संस्कृत के लिए विवादित टिप्पणी भी की जिसका वित्त राज्यमंत्री अनुरागठ ठाकुर ने विरोध किया।
ठाकुर ने कहा, सदस्य बजट या वित्त मंत्री की आलोचना कर सकते हैं लेकिन संस्कृत के लिए इस तरह के बयान देने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं और संस्कृत को लेकर की गई टिप्पणी निंदनीय है।