बंगलूरू में एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने पर कर्नाटक सरकार की तरफ से बड़ी कार्रवाई की गई है। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा, 'कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर, स्टेशन हाउस मास्टर, स्टेशन हाउस ऑफिसर, एसीपी, सेंट्रल डिवीजन डीसीपी, क्रिकेट स्टेडियम प्रभारी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस कमिश्नर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
किन-किन पर की गई कार्रवाई?
| बी. दयानंद |
पुलिस आयुक्त, बंगलूरू शहर |
| विकास कुमार |
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, पश्चिम संभाग |
| शेखर |
पुलिस उपायुक्त (मध्य संभाग) |
| बालकृष्ण |
एसीपी, कब्बन पार्क संभाग |
| गिरीश |
निरीक्षक, कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन |
सीएम सिद्धारमैया का बयान
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में कहा, 'कब्बन पार्क पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर, स्टेशन हाउस मास्टर और स्टेशन हाउस ऑफिसर, साथ ही सेंट्रल डिवीजन के एसीपी (असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस), डीसीपी (डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस), क्रिकेट स्टेडियम प्रभारी अधिकारी, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस और कमिश्नर ऑफ पुलिस — इन सभी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।'
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कई लोगों के गिरफ्तारी जारी किए गए आदेश- सिद्धारमैया
सीएम सिद्धारमैया ने आगे कहा, 'हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस माइकल डी'कुन्हा की अध्यक्षता में हमने एक सदस्यीय आयोग नियुक्त किया है आयोग 30 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगा। वहीं सीएम ने कहा- आरसीबी, इवेंट मैनेजर डीएनए, केएससीए, जिन्होंने उनका प्रतिनिधित्व किया, हमने उन्हें गिरफ्तार करने का निर्णय लिया है।'
हादसे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी
वहीं बंगलूरू भगदड़ पर कर्नाटक के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने बड़ा बयान दिया और सरकार पर लग रहे लापरवाही के आरोपों के बीच उन्होंने इवेंट के आयोजन से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि हमें किसी इवेंट का आयोजन नहीं किया, न ही हमने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम को बंगलूरू बुलाया। वे खुद ही यहां आए। दरअसल, भाजपा समेत तमाम राजनीतिक दलों ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जारी अनबन की वजह से जरूरी व्यवस्थाओं में चूक हुई और इतना बड़ा हादसा हो गया।
बंगलूरू भगदड़ से कर्नाटक सरकार ने लिया सबक
वहीं कर्नाटक सरकार ने बंगलूरू हादसे के बाद सबक लेते हुए एलान किया है कि आगे से राज्य में किसी भी बड़े आयोजन के प्रबंधन के लिए नियम बनाए जाएंगे और इसके लिए पूरा एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर-मानक ढांचा) बनाया जाएगा। इस एसओपी में उन नियम-शर्तों का उल्लेख होगा, जो बड़े आयोजन के लिए अनिवार्य होंगे। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए इसकी जानकारी दी।
भाजपा का राज्य सरकार पर हमला
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा- विजय जुलूस पहले भी निकाले गए हैं, लेकिन विजय जुलूस हमेशा कम से कम 2 दिन बाद निकाले जाते थे। भीड़ प्रबंधन की उचित व्यवस्था करने के लिए इस समय अंतराल की आवश्यकता है। सीएम और डिप्टी सीएम ने टीम को विजय जुलूस के लिए मजबूर किया और ये सभी व्यवस्थाएं सिर्फ 12 घंटे में की गईं, और इसका नतीजा 11 लोगों की मौत थी। जब अल्लू अर्जुन की फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान भगदड़ मची, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। कांग्रेस सरकार ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश दिए। अल्लू अर्जुन की गिरफ्तारी के उसी सिद्धांत पर क्या डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया को भी गिरफ्तार किया जाएगा?'
क्या है पूरा मामला?
यह कार्रवाई बंगलूरू के चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में हाल ही में हुई अव्यवस्था और उसमें पुलिस की लापरवाही को लेकर की गई है। बता दें कि, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पहले आईपीएल खिताब जीतने के बाद 4 जून को जश्न के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ मच गई थी। जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई, वहीं 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं।
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आरसीबी ने वित्तीय सहायता और कोष बनाने का किया एलान
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) फ्रेंचाइजी ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में मारे गए 11 प्रशंसकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। फ्रेंचाइजी ने अपने बयान में कहा है कि मृतकों के परिजनों को मुआवजे के अलावा इस दुखद घटना में घायल हुए प्रशंसकों की सहायता के लिए 'आरसीबी केयर्स' नामक एक कोष भी बनाया जा रहा है।