बीआईएएल द्वारा जारी स्टेटमेंट में कहा गया है, 'बोर्डिंग के लिए रजिस्ट्रेशन को पेपरलेस बनाकर हवाई यात्रा को आसान करने के लिए यह सुविधा शुरू की गई है। बायोमेट्रिक तकनीक से यात्रियों के चेहरे से उनकी पहचान होगी और वे एयरपोर्ट पर जा सकेंगे। उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास, पासपोर्ट या अन्य पहचान पत्र नहीं दिखाने पड़ेंगे।'
पुर्तगाली सॉफ्टवेयर कंपनी विजन बॉक्स की वेबसाइट के मुताबिक कंपनी ने पहली बार इसी साल मार्च में लॉस एंजेलिस एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए फेस रिकग्निशन का इस्तेमाल किया था। वहां बोर्डिंग पास की बजाय बायोमेट्रिक बोर्डिंग का इस्तेमाल हुआ।
बीआईएएल के साथ अग्रीमेंट साइन करने के बाद वॉइस बॉक्स ने कहा कि ऐसा करने का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा को पहले से ज्यादा सरल बनाना है। इससे उन्हें बार-बार बोर्डिंग पास नहीं दिखाना पड़ेगा। वहीं मरार का कहना है कि लोगों का चेहरा ही अब उनका बोर्डिंग पास होगा।