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West Bengal: बंगाल भाजपा प्रमुख का दावा, राज्य को मिलेगा धनखड़ के नक्शेकमद पर चलने वाला नया राज्यपाल

Wed, 16 Nov 2022 10:41 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

इस साल जुलाई में पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेने वाले ला गणेशन राज्य सरकार के साथ एक सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं। मणिपुर के राज्यपाल गणेशन को पश्चिम बंगाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
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सुकांता मजूमदार - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल भाजपा प्रमुख सुकांत मजूमदार ने दावा किया कि राज्य को जल्द ही एक नया राज्यपाल मिलेगा, जो पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ के नक्शेकदम पर चलेंगे। भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में अपने चुनाव से पहले धनखड़ लगभग तीन वर्षों के लिए पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे और कई मौकों पर राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति और अन्य मुद्दों पर ममता बनर्जी सरकार के साथ उलझे रहे थे।

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ला गणेशन के राज्य सरकार के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध 
इस साल जुलाई में पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेने वाले ला गणेशन राज्य सरकार के साथ एक सौहार्दपूर्ण संबंध रखते हैं। मणिपुर के राज्यपाल गणेशन को पश्चिम बंगाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस महीने की शुरुआत में ला गणेशन के निमंत्रण पर एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए तमिलनाडु गई थीं। मजूमदार ने एक समाचार चैनल से कहा, हमें उम्मीद है कि बहुत जल्द पश्चिम बंगाल में एक नया राज्यपाल होगा और हमें विश्वास है कि वह पूर्व राज्यपाल जगदीप धनखड़ के नक्शेकदम पर चलेंगे।

पश्चिम बंगाल भाजपा के सूत्रों के अनुसार, राज्य इकाई राजभवन के कामकाज से खुश नहीं है, खासकर अखिल गिरी प्रकरण के दौरान जब तीन दिनों तक राज्यपाल से मिलने की मांग करने के बावजूद भाजपा विधायक दल को समय नहीं मिला क्योंकि वह शहर में नहीं थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद सौमित्र खान ने हाल ही में कहा था कि धनखड़ विभिन्न मुद्दों पर बहुत मुखर थे और पार्टी को उनकी कमी खलती है। लेकिन वर्तमान राज्यपाल बहुत मुखर नहीं हैं। हमें जगदीप धनखड़ की कमी खलती है। अखिल गिरि ने राष्ट्रपति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की, लेकिन राजभवन ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। 
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गिरि को हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रूप पर अपनी टिप्पणी के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था। उनकी टिप्पणियों का एक वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद उन्होंने इसके लिए माफी मांगी थी। राजभवन पर भाजपा नेतृत्व की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सत्तारूढ़ टीएमसी ने कहा कि टिप्पणियां साबित करती हैं कि भगवा खेमे ने राज्यपाल के कार्यालय को अपने राज्य मुख्यालय के विस्तार में बदल दिया था।  टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा ने 2019 से राजभवन को एक पार्टी कार्यालय में बदल दिया है, और हम सभी पूर्व राज्यपाल की भूमिका से अवगत हैं। वर्तमान राज्यपाल नियमों और विनियमों का पालन कर रहे हैं। भाजपा को यह समझना चाहिए कि राज्यपाल का कार्यालय उनका पार्टी कार्यालय नहीं है।

बंगाल की मंत्री ने एलओपी शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ दर्ज कराया केस
पश्चिम बंगाल की मंत्री बीरबाहा हंसदा ने उनके और तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य विधायक के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत बुधवार को प्राथमिकी दर्ज कराई। हंसदा ने झारग्राम पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी कि वह और बिनपुर के टीएमसी विधायक देबनाथ हंसदा ‘उनके तलवे के नीचे हैं।

झारग्राम विधायक हंसदा ने आरोप लगाया कि टीएमसी के दोनों विधायक आदिवासी हैं, इसलिए उनके खिलाफ यह टिप्पणी की गई है। 
हंसदा ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है जिसमें अधिकारी यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि बीरबाहा हंसदा और देबनाथ हंसदा उनके तलवे के नीचे हैं। वह इस तरह की टिप्पणी इसलिए कर सके हैं, क्योंकि हम आदिवासी हैं।  

हंसदा ने कहा, मुझे यह सोचकर घृणा होती है कि एक सज्जन व्यक्ति इस तरह की भी टिप्पणी कर सकते हैं। एक आदिवासी के तौर पर मैं इस टिप्पणी की निंदा करती हूं। मैंने उनके खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। 

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