बांग्लादेश में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रही एक महिला के साथ बलात्कार के आरोप में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। जवानों को कोर्ट ने सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अर्द्धसैनिक संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस को सौंपे गए आरोपी बीएसएफ कर्मी
उन्होंने कहा कि बीएसएफ के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) और कांस्टेबल को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस को सौंप दिया गया।
बगदा सीमा चौकी के पास हुई घटना
बीएसएफ के दक्षिण बंगाल सीमांत के अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ कोर्ट ऑफ इनक्वायरी का आदेश दिया गया है। उन्होंने बताया कि घटना 26 की सुबह पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में बगदा सीमा चौकी के पास हुई।
महिला को बांग्लादेश में अवैध तरीके से प्रवेश करते पकड़ा
अधिकारी ने कहा, बीएसएफ कांस्टेबल ने भारत से बांग्लादेश में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे एक एजेंट और एक महिला को पकड़ा। वह महिला को पास के एक खेत में ले गया जहां कथित तौर पर उसने उसके साथ बलात्कार किया। जबकि एएसआई ने उसे अपराध करने में मदद की। घटना का पता तब चला जब महिला ने पुलिस में शिकायत की।
जांच के दिए गए आदेश
उन्होंने कहा, "घटना के बारे में जानने के बाद हमने दोनों को पकड़ लिया है और पुलिस को सौंप दिया है। दोनों को निलंबित कर दिया गया है और घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।"
घटना को लेकर टीएमसी और बीजेपी में वाकयुद्ध शुरू
इस घटना से सत्तारूढ़ टीएमसी और बीजेपी के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया है। बीजेपी के प्रवक्ता शामिक भट्टाचार्य ने कहा, टीएमसी की ओर से इस तरह की टिप्पणियां अस्वीकार्य हैं। आप एक अलग मामले से पूरे बल को बदनाम नहीं कर सकते हैं। अगर अपराध किया गया है तो कानून अपना काम करेगा।
मेघालय: अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से दो बांग्लादेशी गिरफ्तार
मेघालय के पूर्वी जयंतिया जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक जगपाल सिंह धनोआ के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि बांग्लादेशी नागरिकों के एक समूह को शुक्रवार को पिरताकुना गांव के पास अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जंगल में देखा गया है ।इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की एक संयुक्त टीम ने मिस्बा उद्दीन (31) और बदरूल आलम (30) को पकड़ लिया, जबकि अन्य लोग बांग्लादेश वापस भागने में सफल रहे।