2023 में ली गई थी अयान सिल और इससे जुड़े विभिन्न परिसरों की तलाशी
इससे पहले प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में ईडी द्वारा जांच के दौरान, 2023 में अयान सिल और अन्य से जुड़े विभिन्न परिसरों में तलाशी ली गई थी। तलाशी के दौरान, अयान सिल के कब्जे से डिजिटल साक्ष्य के साथ कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। उन्हें जब्त कर लिया गया। आपत्तिजनक दस्तावेजों की जांच से पता चला था कि भर्ती घोटाला, केवल शिक्षकों की भर्ती तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न नगर पालिकाओं [कांचरापाड़ा, न्यू बैरकपुर, कमरहाटी, टीटागढ़, बारानगर, हालिसहर, दक्षिण दमदम (एन), दमदम आदि] तक फैला हुआ है। मजदूरों, सफाई कर्मचारियों, क्लर्कों, चपरासी, एम्बुलेंस परिचारकों, सहायक मिस्त्रियों, पंप ऑपरेटरों, हेल्परों, स्वच्छता सहायकों और ड्राइवरों आदि की भर्ती में भी गोलमाल हुआ है।
ईडी की अब तक की गई जांच से पता चला है कि विभिन्न नगर निगमों, नगर पालिकाओं आदि से संबंधित ठेके एक ही कंपनी मेसर्स एबीएस इन्फोज़ोन प्राइवेट लिमिटेड (निदेशक- अयान सिल) को प्रश्न पत्रों की छपाई, ओएमआर शीट की छपाई, उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों का मूल्यांकन और मेरिट सूची तैयार करने आदि के लिए दिए गए थे।
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आपराधिक सांजिश का खुलासा, समझिए कैसे?
अयान सिल, लोक सेवकों और राजनीतिक नेताओं सहित अन्य उच्च पदाधिकारियों ने कुछ निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर आपस में एक आपराधिक साजिश रची। उस साजिश के अनुसरण में मेसर्स एबीएस इन्फोज़ोन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अयान सिल ने ओएमआर शीट की छपाई, डिजाइनिंग और मूल्यांकन के लिए जिम्मेदार अपनी शक्ति और पद का दुरुपयोग करके उम्मीदवारों की ओएमआर शीट में हेरफेर किया।
पैसे के बदले कई नगर पालिकाओं में कई अयोग्य उम्मीदवारों की अवैध नियुक्तियों को सुगम बनाया। मतलब, जिन उम्मीदवारों के पैसे पहुंच गए या बड़ी राजनीतिक सिफारिश की चिट्ठी आ गई, उनकी ओएमआर शीट बदल दी गई। उन्हें इतने नंबर दे दिए गए, कि उनका चयन पक्का हो गया। ईडी ने इससे पहले नगर पालिकाओं के विभिन्न पदाधिकारियों के परिसरों, विधायक सुजीत बोस और पश्चिम बंगाल के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रथिन घोष के आवासीय परिसरों की भी तलाशी ली थी।