पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के सरकारी अस्पताल में महिला डॉक्टर की हत्या का मामला गरमाया हुआ है। घटना के तीसरे दिन जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। इस बीच, राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने अधिसूचना जारी कर कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के फिजियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय वशिष्ठ को अधीक्षक की जिम्मेदारी से हटा दिया है। उनकी जगह प्रोफेसर डॉ. बुलबुल मुखोपाध्याय को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जारी अधिसूचना के मुताबिक, नया आदेश जारी होने तक डॉ. वशिष्ठ अब कोलकाता के नेशनल मेडिकल कॉलेज में तैनात रहेंगे।
अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही पुलिस
वहीं, कोलकाता पुलिस सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला डॉक्टर की हत्या के सिलसिले में अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर का यौन शोषण और हत्या कर दी गई थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस अधिकारी ने कहा, हम इस मामले में निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संकेत मिला है कि महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या की गई और आत्महत्या नहीं की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि उसकी आंख और मुंह दोनों से खून बह रहा था और चेहरे पर चोट के निशान थे। पीड़िता के प्राइवेट पार्ट से भी खून बह रहा था। उसके पेट, बाएं पैर, गर्दन, दाहिने हाथ और होंठ में चोट थी।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिस्थितिजन्य सबूतों से संकेत मिलता है कि महिला डॉक्टर की पहले हत्या की गई और फिर गिरफ्तार आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उन्होंने कहा, इस बात के सबूत हैं कि जब आरोपियों ने डॉक्टर पर हमला किया तो वह अस्पताल के सेमिनार हॉल में अकेली सो रही थीं। महिला ने विरोध करने की कोशिश की लेकिन गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। ऐसी संभावना है कि हत्या के बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने वारदात के दौरान आरोपी द्वारा पहने गए कपड़े और जूते भी जब्त किए हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या गिरफ्तार आरोपी के साथ अपराध में कोई और भी शामिल था, अधिकारी ने कहा, अब तक इसका कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा, अपराध करने के बाद आरोपी घर वापस चला गया था और उसने जो कपड़े पहने हुए थे, उन्हें धोया था। तलाशी के दौरान उसके जूते मिले जिन पर खून के धब्बे थे। महिला डॉक्टर का शव शुक्रवार को उत्तरी कोलकाता के आरजी कर सरकारी अस्पताल के एख सेमिनार हॉल के अंदर पाया गया।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपराधी के लिए मौत की सजा की मांग की। आरोपी कथित तौर पर अस्पताल में अक्सर आने वाला एक बाहरी व्यक्ति था। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 (दुष्कर्म) और 103 (हत्या) के तहत आरोप लगाया गया है। उसे कोलकाता की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे 23 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस बीच, कोलकाता पुलिस ने रविवार को अस्पताल में बल की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की।
अधिकारी ने कहा, बिना उचित पहचान के किसी को भी अस्पताल परिसर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन वार्ड में अनुबंध पर कार्यरत दो सुरक्षाकर्मियों को उनके कर्तव्यों का सही ढंग से पालन न करने के लिए निष्कासित कर दिया।