पश्चिम बंगाल के आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर
- फोटो : Facebook Humayun Kabir
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान 'गोली मारो' का नारा लगाने वाले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अफसर हुमायूं कबीर ने पद से इस्तीफा दे दिया है। हुमायूं कबीर कोलकाता के पास चंदननगर के पुलिस कमिश्नर हैं। कबीर का कहना है कि वह निजी कारणों से इस्तीफा दे हैं।हुमायूं कबीर को दिसंबर में इंस्पेक्टर जनरल की रैंक का प्रमोशन मिला था।
पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस में मचे घमासान के बीच यह मामला सामने आया है। बंगाल में 21 जनवरी को भाजपा की रैली के दौरान जब कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने "गोली मारो" का नारा लगाया था, तब आईपीएस अधिकारी हुमायूं कबीर ने उन्हें हिंसा भड़काने का प्रयास करने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने स्थानीय भाजपा नेता सुरेश शॉ और दो अन्य को भी इस नारेबाजी का वीडियो सामने आने के कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। इस रैली की अगुवाई भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी और हुगली से भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी कर रहे थे।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी ) में ममता के बेहद करीबी समझे जाने वाले सुवेंदु अधिकारी ने पिछले माह ही तृणमूल कांग्रेस छोड़ी थी। इसके बाद टीएमसी से पलायन करने की होड़ लग गई। टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा है कि इस नारेबाजी को लेकर हुई गिरफ्तारी पूरी तरह पुलिस का मामला है। इसका उनका पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है।
गिरफ्तारी पर उठे थे सवाल
भाजपा कार्यकर्ताओं के नारेबाजी करने से पहले तृणमूल कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में एक दिन पहले ही इसी तरह के नारे लगाए थे। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर सवाल उठे थे। तृणमूल सरकार ने यह मुद्दा चुनाव आयोग के समक्ष भी उठाया था। वहीं भाजपा ने इस मामले में पक्षपात की शिकायत की थी।