1 मार्च को शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु जादवपुर यूनिवर्सिटी के कैंपस में टीएमसी समर्थित शिक्षकों के संगठन WBCUPA की बैठक में शामिल होने आए थे। बाहर लेफ्ट संगठनों व एसएफआई के छात्र लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान मंत्री की गाड़ी के साथ धक्का-मुक्की और तोड़फोड़ का आरोप लगा।
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के काफिले पर हमले की कथित साजिश के आरोप में गिरफ्तार जादवपुर यूनिवर्सिटी (जेयू) के पूर्व छात्र हिंदोल मजूमदार को कोलकाता की अलीपुर अदालत ने सोमवार को जमानत दे दी।
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दिल्ली एयरपोर्ट से हुई थी गिरफ्तारी
हिंदोल मजूमदार, जो इस समय स्पेन की एक यूनिवर्सिटी में शोध कर रहे हैं, को बीते बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया और तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था।
अदालत ने 1000 रुपये के मुचलके पर दी जमानत
सोमवार को जब पुलिस रिमांड की अवधि पूरी हुई तो हिंदोल मजूमदार को फिर अदालत में पेश किया गया। अदालत ने माना कि जांच में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं दिखी है और पुलिस को आगे पूछताछ की जरूरत भी महसूस नहीं हो रही। इसके बाद मजूमदार को 1000 रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई।
पुलिस और बचाव ने क्या दिया तर्क?
इस दौरान पुलिस ने तर्क दिया कि अगर हिंदोल मजूमदार रिहा होते हैं तो जांच प्रभावित हो सकती है। उनका छात्रों के साथ संपर्क था जिन्होंने मंत्री की गाड़ी को घेरा और हमला किया। वहीं बचाव पक्ष ने इस दौरान तर्क दिया हिंदोल मजूमदार उस समय स्पेन में थे। उन पर आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। उनका नाम एफआईआर में भी दर्ज नहीं है। पुलिस अब जबरन नया मामला जोड़ रही है। सरकार के वकील ने अदालत में यहां तक कहा कि जैसे 2002 में कोलकाता के अमेरिकन सेंटर हमले की साजिश अफताब अंसारी ने दुबई से रची थी, वैसे ही हिंदोल मजूमदार ने स्पेन से साजिश रची। बचाव पक्ष ने इसे बेहद हास्यास्पद और पुलिस की गढ़ी हुई कहानी बताया।
कैंपस में तेज हुआ विरोध प्रदर्शन
मजूमदार की गिरफ्तारी के विरोध में जादवपुर यूनिवर्सिटी के शिक्षक, छात्र और पूर्व छात्र सोमवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कैंपस से जुलूस निकाला और जादवपुर थाने तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने इसे सरकार की तानाशाही बताते हुए कहा कि बंगाल को पुलिस स्टेट बनाने की कोशिश हो रही है। विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक अंबिकेश महापात्रा ने कहा, 'यह गिरफ्तारी महज एक मजाक है। सरकार स्वतंत्र सोच रखने वालों को निशाना बना रही है।'