तृणमूल कांग्रेस के फ्रीज बैंक खातों से जुड़े मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने कालिघाट गुट की ओर से याचिका दायर करने के अधिकार पर सवाल उठाए। एजेंसी ने पार्टी का संविधान और अधिकृत अनुमति पत्र पेश करने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
तृणमूल कांग्रेस के फ्रीज बैंक खातों को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कालीघाट गुट की ओर से मामला दायर किए जाने के अधिकार पर सवाल उठा दिए। ईडी ने अदालत में पूछा कि कालीघाट गुट किस अधिकार से यह मामला दायर कर रहा है और इसके लिए उसे किसकी मंजूरी मिली है।
न्यायमूर्ति कृष्णा राव की पीठ में हुई सुनवाई के दौरान ईडी के वरिष्ठ अधिवक्ता एसवी राजू ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से यह मुकदमा दायर करने के लिए जारी अधिकृत अनुमति पत्र अदालत के समक्ष पेश किया जाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि पार्टी की ओर से यह अनुमति किसने दी और उसका दस्तावेज कहां है।
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ईडी ने यह भी कहा कि मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने से पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि याचिकाकर्ता वास्तव में पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत हैं या नहीं। इसके लिए केंद्रीय एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस का पार्टी संविधान भी देखने की मांग की, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पार्टी की ओर से कानूनी कार्रवाई शुरू करने का अधिकार किसके पास है।
उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस के कुछ बैंक खातों को ईडी ने जांच के सिलसिले में फ्रीज कर दिया है। इन खातों के इस्तेमाल की अनुमति की मांग को लेकर कालिघाट गुट ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसी मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने याचिका की ग्राह्यता और याचिकाकर्ताओं के अधिकार पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने फिलहाल मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत के आदेश पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।